छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण करने टाटा पावर की एंट्री! रायपुर जिले के इन 4 इलाकों में मांगा लाइसेंस, 1 अक्टूबर को जनसुनवाई

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ में भी बिजली वितरण के क्षेत्र में पहली बार किसी निजी कंपनी की एंट्री हो सकती है। टाटा पावर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के समक्ष बिजली वितरण का लाइसेंस हासिल करने के लिए आवेदन किया है। कंपनी ने रायपुर जिले की रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसील में बिजली सप्लाई की अनुमति मांगी है।
टाटा पावर के इस आवेदन से प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आयोग ने आवेदन पर आपत्ति, सुझाव और संशोधन आमंत्रित किए हैं। आपत्ति मेल के माध्यम से भेजनी होगी। इसके बाद 1 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे आयोग कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जनसुनवाई के बाद प्राप्त आवेदन, आपत्तियों, सुझावों और तकनीकी-वैधानिक पहलुओं के आधार पर आयोग आगे निर्णय लेगा।
जानकारी के अनुसार टाटा पावर ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 14 एवं 15 तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के संबंधित विनियमों के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। आवेदन में कंपनी ने रायपुर के चार क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था संभालने की अनुमति मांगी है।
स्मार्ट मीटर के बाद बिजली सप्लाई में भी निजी कंपनी की तैयारी
टाटा पावर का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है। कंपनी ने आयोग को भेजे आवेदन में उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए अपना वितरण नेटवर्क तैयार करने की बात कही है। इसके लिए मौजूदा बिजली वितरण व्यवस्था और पावर डिस्ट्रीब्यूशन, जनरेशन तथा ट्रांसमिशन कंपनियों के सिस्टम का उपयोग करने का प्रस्ताव है।
टाटा पावर पहले से ही मुंबई, दिल्ली, अजमेर और ओडिशा जैसे क्षेत्रों में बिजली वितरण का काम संभाल रही है। कंपनी की ओर से छत्तीसगढ़ में भी बिजली वितरण क्षेत्र में प्रवेश की तैयारी को इसी विस्तार की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
बिजली अभियंता संघ ने जताया विरोध
टाटा पावर के आवेदन का छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ ने विरोध किया है। संघ ने कहा कि बिजली वितरण आवश्यक सार्वजनिक सेवा है, इसलिए इसमें बदलाव करते समय उपभोक्ता हित, कर्मचारी हित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
संघ का कहना है कि बिजली सेवा का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि सभी उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना होना चाहिए। संघ ने निजी क्षेत्र को बिजली वितरण की अनुमति देने से पहले इसके संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
1 अक्टूबर को होगी जनसुनवाई
आयोग ने टाटा पावर के आवेदन पर 1 अक्टूबर को जनसुनवाई तय की है। आयोग के सचिव के अनुसार कंपनी ने बिजली सप्लाई के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और इसी आधार पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसमें आम लोगों, उपभोक्ताओं और संबंधित पक्षों से आपत्तियां एवं सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद आयोग तकनीकी और वैधानिक पहलुओं की समीक्षा कर आगे निर्णय लेगा। अगर लाइसेंस मंजूर होता है, तो रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर क्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनी की भागीदारी शुरू हो सकती है।
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