बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आई सालासर समिति, पीड़ित परिवारों के लिए नाश्ते से लेकर भोजन तक की व्यवस्था

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) नवापारा-राजिम :– महानदी में आई भीषण बाढ़ से गोबरा नवापारा में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। संकट की इस घड़ी में नगर की सेवाभावी संस्था सालासर सुंदरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। समिति ने कृषि उपज मंडी और झूलेलाल मंदिर में ठहरे प्रभावित परिवारों के लिए नाश्ता, चाय, बिस्किट और भोजन की व्यवस्था की।
नगरवासियों के अनुसार, वर्ष 1993 में आई भीषण बाढ़ के बाद इस बार भी महानदी ने विकराल रूप दिखाया है। लोगों का कहना है कि तटबंध बनने के बावजूद बाढ़ की स्थिति ने एक बार फिर पुराने भयावह मंजर की याद दिला दी। बाढ़ के कारण अनेक परिवारों को अपना घर छोड़कर छतों पर शरण लेनी पड़ी, वहीं प्रभावित लोगों को कृषि उपज मंडी, झूलेलाल मंदिर और स्कूलों में ठहराया गया है। कई परिवारों को रातभर जागकर गुजारनी पड़ी, जिनमें छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
फोन लगाते ही एक घंटे में पहुंची मदद

बाढ़ पीड़ितों की परेशानी को देखते हुए सालासर समिति के संस्थापक राजू काबरा, अध्यक्ष धरम साहू, रूपेंद्र चंद्राकर और नंदकिशोर राठी सहित समिति के सदस्यों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। कृषि उपज मंडी में ठहरे लोगों के लिए सुबह नाश्ते में पोहे और सब्जी की व्यवस्था की गई। इसके बाद शाम को प्रभावित परिवारों के बीच चाय और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। समिति ने पीड़ितों के लिए रात्रि भोजन की व्यवस्था भी की। वहीं, झूलेलाल मंदिर में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों को भी चाय और बिस्किट के पैकेट बांटे गए।
समिति की इस पहल से उन परिवारों को राहत मिली, जो बाढ़ के कारण अपने घरों से दूर आश्रय स्थलों में रहने को मजबूर हैं। अचानक आई इस विपदा के बीच भोजन और नाश्ते की व्यवस्था ने प्रभावित लोगों की परेशानी कुछ कम की।
संकट की घड़ी में सालासर समिति की याद आई

तिरंगा चौक निवासी रानी निषाद ने समिति के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि बाढ़ के इस संकट में उन्हें सबसे पहले सालासर समिति की याद आई। उन्होंने संस्थापक राजू काबरा को फोन किया। उनके अनुसार, फोन करने के करीब एक घंटे के भीतर ही नाश्ते की व्यवस्था हो गई। इसके बाद समिति की ओर से सब्जी उपलब्ध कराई गई तथा चाय और बिस्किट भी वितरित किए गए। रानी निषाद ने इस मदद के लिए समिति के प्रति आभार जताया।
बाढ़ जैसी आपदा के समय जब प्रभावित परिवार अपने घरों से दूर, अनिश्चितता और परेशानी के बीच दिन-रात गुजार रहे हैं, ऐसे में सामाजिक संस्थाओं का आगे आना राहत पहुंचाने के साथ-साथ लोगों का हौसला भी बढ़ाता है। सालासर सुंदरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति के इस सेवाभावी प्रयास की नगरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है।
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