बाघ की मृत्यु की घटना पर मुख्यमंत्री के कड़े तेवर, दो वनरक्षक निलंबित, वन क्षेत्रपाल से मांगा गया स्पष्टीकरण

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया जिले में बाघ की मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव को दिए थे।

इन निर्देशों के परिपालन में कोरिया वनमंडल बैकुण्ठपुर अंतर्गत परिक्षेत्र सोनहत के रामगढ़ सर्किल के वनरक्षक पिताम्बर लाल राजवाड़े और वनपाल रामप्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसी तारतम्य में परिक्षेत्राधिकारी सोनहत के वन क्षेत्रपाल विनय कुमार सिंह से टाईगर की मृत्यु के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

क्या है मामला

कोरिया जिले के सोनहत परिक्षेत्र की सीमा में कुछ दिनों पहले एक बाघ का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया था। बाघ को जहर देकर मारने की आशंका जताई गई थी जिसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुष्टि की गई। शव को देखकर बाघ की मौत 3 से 4 दिन पहले होने की आशंका जताई गई । वन विभाग को इसकी जानकारी देर से मिली जो कार्य में लापरवाही मानी गई।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के वन विभाग से जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने राज्य के वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव को वन्य जीवों को संरक्षित करने के लिए उठाए गए कदमों और कार्रवाई के बारे में हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से वनों की रक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मुस्तैदी से कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी लापरवाही पर संबंधितों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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