वनांचल के स्वास्थ्य पर प्रशासनिक वार: उप स्वास्थ्य केंद्र की कर्मचारी महीनों से गायब, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कर्मचारी अटैचमेंट पर प्रशासन पर सवाल!

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा :– गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना तो कर दी गई, लेकिन जमीनी हकीकत की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है।

तीन कर्मचारी नियुक्त, लेकिन दो ही कार्यरत

ग्राम पंचायत कनसिंघी में स्थापित आयुष्मान उप स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य था कि क्षेत्र के गांव जैसे दादरगांव, नया कोडामा, नावाडिही, रक्सी, मातेबाहला बोईरभाडी, कलमीडिही, सरगीपारा, पलेमा, फुलबाहरा आदि गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवा मिल सके। शासन के निर्देशानुसार इस केंद्र में तीन कर्मचारियों की नियुक्ति दर्ज है, पर वास्तविकता में यहां केवल दो ही कर्मचारी कार्यरत हैं। तीसरी कर्मचारी लता साहू पिछले एक महीने से राजिम क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही है, जबकि उसका वेतन कनसिंघी स्वास्थ्य केंद्र से जारी होता है।

वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता अधिक

बता दें कि वनांचल और अति पिछड़े इलाके होने के चलते यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता कहीं अधिक है। ऐसे में एक नियमित कर्मचारी का दूसरे क्षेत्र में अटैचमेंट किया जाना न केवल शासन के नियमों के विरुद्ध है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य अधिकारों की अनदेखी भी है। स्वास्थ्य विभाग में स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कर्मचारी को बिना विशेष परिस्थिति और अनुमोदन के अटैचमेंट की अनुमति नहीं दी जा सकती, बावजूद इसके लता साहू का राजिम में कार्यरत रहना कई सवाल खड़े करता है।

मूल कार्यक्षेत्र में वापस भेजने की मांग

इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत कनसिंघी के प्रथम नागरिक भोजराज नागेश ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि लता साहू को तत्काल उनके मूल कार्यक्षेत्र में वापस भेजा जाए। अन्यथा नियमों के अनुसार उनका स्थानांतरण किया जाए और उसकी जगह दूसरे कर्मचारी को लाया जाए। उनका कहना है कि विभाग के आदेशों को दरकिनार कर स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों को वंचित रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।

इधर, छुरा बीएमओ कीर्तन साहू ने बताया कि लता साहू लगभग एक महीने से क्षेत्र राजिम में कार्य कर रही हैं। उनका वेतन कनसिंघी से ही जारी होता है। 

ग्रामीणों ने उठाए सवाल और रखी मांग

अब ग्रामीणों का कहना है कि यदि कर्मचारी किसी कारणवश दूसरे क्षेत्र में कार्यरत है, तो अब तक उसके स्थान पर किसी अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई? क्या वनांचल क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य अधिकार इतने कमजोर हैं कि नियमों को ताक पर रख दिया जाए? ग्रामीणों की उम्मीद अब जिला प्रशासन उनकी मांगों को तत्काल पूरा करेगी।

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/Ihl8c6n3whwBoOjrVkYYRS

यह खबर भी जरुर पढ़े

कागजों में बना आंगनबाड़ी भवन; जमीन पर अस्तबल, PM जनमन आदिवासी योजना की सच्चाई उजागर, बच्चों का बचपन फाइलों में हुआ कैद

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल भूतेश्वरनाथ महादेव : लाइट और लेजर शो की झलकिया Naga Panchami : वर्षों बाद ऐसा संयोग शिव और नाग का दिन