संदिग्ध परिस्थितियों में मादा नीलगाय मिली मृत, शरीर पर मिले खरोंच और खून
नावाडिही-कोसमी वन क्षेत्र से लगे राजस्व भूमि में मिला शव, शरीर पर खरोंच और खून के निशान से ग्रामीणों में चिंता

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा :- छुरा ब्लाक के नावाडिही-कोसमी वन क्षेत्र के समीप राजस्व भूमि पर लगभग 10 से 12 माह की मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली है। मृत नील गाय के शरीर पर खरोंच और खून के निशान भी मिले है। तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल पहुंचे ग्रामीणों ने जब मृत अवस्था में नीलगाय को देखा, तब इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
जानकारी के अनुसार ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे नावाडिही-कोसमी वन क्षेत्र के समीप राजस्व भूमि पर लगभग 10 से 12 माह की मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली है। यह स्थल राजेश पिता पुनित राम ध्रुव के राजस्व क्षेत्र के अंतर्गत बताया जा रहा है। मृत नीलगाय के शरीर से खून निकलने तथा आंख और मुंह के पास खरोंच जैसे निशान पाए जाने से ग्रामीणों के बीच मौत को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह इलाका वन्य जीवों की आवाजाही वाला क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में नीलगाय सहित अन्य जंगली जानवर निवास करते हैं।
पानी की कमी से मौत की आशंका

स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी शुरू होते ही वन क्षेत्र में जंगली जानवरों के पीने के लिए प्राकृतिक जल स्रोत लगभग समाप्त हो जाते हैं। पानी की तलाश में वन्य जीव गांवों और राजस्व भूमि की ओर रुख करते हैं, जिससे दुर्घटना अथवा कमजोरी के कारण मौत की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी इस क्षेत्र में कई वन्य जीवों की मौत हो चुकी है। घटना मार्च माह की शुरुआत में सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
छुरा वन परिक्षेत्र अधिकारी लवकुश पांडे ने बताया कि नीलगाय का शव लगभग 24 घंटे पुराना प्रतीत हो रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार अंतिम संस्कार कराया गया। प्रारंभिक तौर पर पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण मौत होने की संभावना जताई गई है। क्षेत्र में जल व्यवस्था के लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजने की बात भी विभाग द्वारा कही गई है।
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