जंगल से निकला प्रेम कहानी का खौफनाक सच: दफन मिले प्रेमी जोड़े के नरकंकाल, पुलिस जांच में जुटी

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जंगलों में छह साल पुराना ऐसा रहस्य सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। जंगल में युवक-युवती के दो नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि ये कंकाल वर्ष 2020 से लापता प्रेमी जोड़े विनोद कोरवा और ज्योति कुमारी के हैं। सूचना मिलते ही फोरेंसिक और पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र का है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण शनिवार को जंगल में चूहा मारने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों और मिट्टी के बीच उन्हें मानव कंकाल दिखाई दिए। पास जाकर देखने पर दो अलग-अलग नरकंकाल नजर आए। ग्रामीणों ने तत्काल गांव लौटकर सरपंच और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धौरपुर पुलिस, फोरेंसिक टीम और अधिकारियों का दल मौके पर पहुंच गया।
कपड़ों से हुई पहचान
घटनास्थल से एक युवती की फ्रॉक, युवक का हाफ पैंट, चप्पल और अन्य सामान बरामद हुआ। इन्हीं कपड़ों के आधार पर परिजनों ने दोनों की पहचान ग्राम जमोनी निवासी 19 वर्षीय विनोद कोरवा और 17 वर्षीय ज्योति गोंड़ के रूप में की। दोनों फरवरी 2020 से अचानक लापता थे।
परिजनों के मुताबिक दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था, लेकिन अलग-अलग जाति होने के कारण परिवार और समाज इस रिश्ते के खिलाफ था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पहले भी घर छोड़कर भाग चुके थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने खोजकर परिवार के हवाले किया था। इसके बाद दोनों अचानक गायब हो गए और फिर कभी वापस नहीं लौटे।
जंगल के नाले में दफन मिले शव, हत्या की आशंका
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों कंकाल जंगल के नाले के पास मिट्टी में दबे मिले। पुलिस का मानना है कि शवों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया था। यदि शव खुले में होते तो बदबू या जानवरों के कारण पहले ही मामला सामने आ जाता। कंकाल अलग-अलग टुकड़ों में मिले हैं, जिससे मामला संदिग्ध हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है।
करंट तार बना मौत का कारण?
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि जंगल क्षेत्र में जंगली सूअरों के शिकार के लिए अक्सर अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार बिछाए जाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि प्रेमी जोड़ा ऐसे ही किसी करंट वाले तार की चपेट में आ गया हो। मौत के बाद राज छिपाने के लिए शवों को दफन कर दिया गया हो। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
तीन साल बाद दर्ज हुई थी गुमशुदगी
दोनों 2020 में लापता हुए थे, लेकिन युवक विनोद कोरवा के पिता ने 13 मई 2023 को धौरपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इतने वर्षों तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिलने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। अब छह साल बाद जंगल से मिले इन नरकंकालों ने उस अधूरी प्रेम कहानी का भयावह अंत दुनिया के सामने ला दिया है।
डीएनए टेस्ट से खुलेगा मौत का राज
धौरपुर थाना प्रभारी आरसी चंद्रा ने बताया कि दोनों कंकालों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से मिले हर साक्ष्य की जांच कर रहे हैं। पुलिस हत्या, हादसा और ऑनर किलिंग समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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