पटेवा स्कूल में प्रशासन की सराहनीय पहल, विद्यार्थियों को मौके पर मिले आय एवं जाति प्रमाणपत्र

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर शनिवार को नवापारा के समीपस्थ ग्राम पटेवा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए आय एवं जाति प्रमाणपत्र बनाने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। प्रशासन की इस पहल से विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
शिविर में कुल 117 ओबीसी छात्र-छात्राओं के आय एवं जाति प्रमाणपत्र तत्काल बनाकर उन्हें मौके पर ही प्रदान किए गए। शिविर में मुख्य रूप से नवापारा नायब तहसीलदार एल. के. मंडन, पटवारी विश्वनाथ साहू, ग्राम के सरपंच कृष्णाबाई साहू, विद्यालय के प्रधानपाठक डी. के. साहू, प्रभारी प्रधानपाठक दिनेश साहू, शिक्षिका माला कंसारी, शिक्षक रोशन ध्रुव, योगेंद्र वर्मा, भूपेंद्र कंडरा मौजूद थे।
नायब तहसीलदार श्री मंडन ने पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं और सभी पात्र विद्यार्थियों को चंद घंटो में प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिए। आय एवं जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करते ही छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। विद्यार्थियों ने कहा कि पहले इन प्रमाणपत्रों के लिए मुश्किलो का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब विद्यालय में ही यह सुविधा मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत हुई है।
शौचालय निर्माण की रखी मांग
विद्यार्थियों ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह एवं नायब तहसीलदार एल. के. मंडन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। ग्रामीणों और पालकों ने भी प्रशासन के इस जनहितकारी प्रयास का स्वागत किया। इससे प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। शिविर के दौरान नायब तहसीलदार श्री मंडन ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण में उन्होंने पाया कि विद्यालय में बालकों के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि लेटबाथ की समस्या होती है तो उन्हें छुट्टी मांगकर घर जाना पड़ता है।
इस संबंध में ग्राम सरपंच कृष्णाबाई साहू एवं प्रधानपाठक डी. के. साहू ने एक ज्ञापन सौंपते हुए विद्यालय में शौचालय निर्माण एवं टीना शेड की मांग रखी। बताया कि टीना शेड के अभाव में कई शैक्षणिक कार्य खुले आसमान के नीचे करना पड़ता है। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार श्री मंडन ने आश्वस्त किया कि वे इस महत्वपूर्ण मांग को कलेक्टर गौरव सिंह को अवगत कराएंगे और विद्यालय की इस आवश्यक समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और विद्यालय पहुंचकर दी गई सेवाएं सुशासन का बेहतर उदाहरण हैं। इस तरह के शिविर न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में सहायक सिद्ध होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन के प्रति भरोसा भी और अधिक मजबूत करेंगे।
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