बारिश में बही पुलिया: अब वैकल्पिक कच्चे मार्ग पर धंसा हाईवा, लगा लंबा जाम

बड़ी मुश्किल से तैयार हुआ वैकल्पिक मार्ग भी हुआ बाधित, दर्जनों गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ी

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा:– छुरा के कोसम्बुड़ा-सारागांव मुख्य मार्ग पर मानसून की पहली तेज बारिश में पुलिया बह जाने से शुरू हुई परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों और राहगीरों की सुविधा के लिए नाले के समीप अस्थायी कच्चा रपटा मार्ग तैयार किया गया था, ताकि किसी तरह लोगों का आवागमन जारी रह सके। लेकिन यह राहत भी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। शनिवार को गिट्टी से भरा एक हाईवा वाहन रेतिले हिस्से में पहुंचते ही धंस गया, जिससे एक बार फिर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
बता दे कि कुछ दिन पहले हुई लगातार बारिश के दौरान कोसम्बुड़ा-सारागांव मार्ग की पुलिया का हिस्सा बह गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के गोलों में झाड़ियां और कचरा जमा होने से जल निकासी बाधित हुई थी, जिसके कारण पानी का दबाव बढ़ा और बहाव ने अपना रास्ता बदलते हुए पुलिया के कमजोर हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिया टूटने के बाद यह महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गया था, जिससे दुल्ला, सारागांव, नवापारा, कोसमी, चुरकीदादर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ।
लोगों की परेशानी को देखते हुए अस्थायी तौर पर कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। हालांकि यह मार्ग पूरी तरह रेतिले क्षेत्र में बनाया गया है और लगातार बारिश के कारण जमीन भी नम बनी हुई है। ऐसे में भारी वाहनों के गुजरने को लेकर पहले से ही आशंका जताई जा रही थी। शनिवार को यह आशंका उस समय सही साबित हो गई जब गिट्टी से लदा एक हाईवा वाहन रास्ते में धंस गया और मार्ग अवरुद्ध हो गया।

वाहनों की लगी लंबी कतार

हाईवा के फंसते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीण, किसान, छात्र, मजदूर तथा दैनिक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोग पैदल निकलने को मजबूर हुए तो कुछ को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पुलिया बहने से समस्या उत्पन्न हुई और अब वैकल्पिक मार्ग के बाधित होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पुलिया बहने के कई दिन बाद भी स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मानसून की शुरुआत में ही यह स्थिति बन गई है, जबकि अभी पूरा बारिश का मौसम बाकी है। यदि आगामी दिनों में फिर तेज बारिश होती है तो अस्थायी मार्ग के भी बहने या पूरी तरह अनुपयोगी हो जाने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में दर्जनों गांवों के लोगों के सामने आवागमन का संकट और गहरा सकता है।

सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नही 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद लंबे समय तक पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए है। अब जबकि वैकल्पिक मार्ग भी बाधित हो रहा है, लोगों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों को खेती-किसानी के कार्यों, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने तथा आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग केवल स्थानीय गांवों के लिए ही नहीं बल्कि उड़ीसा सीमा से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभाग को केवल अस्थायी उपायों तक सीमित न रहकर शीघ्र स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
समाचार लिखे जाने तक गिट्टी से भरा हाईवा वाहन कच्चे रास्ते में फंसा हुआ था तथा उसे निकालने के प्रयास जारी था। मार्ग पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाया है, जिसके कारण लोगों की परेशानी लगातार बनी हुई है और आवागमन प्रभावित रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल