लोमस ऋषि आश्रम में मंदिर के गुंबद पर गिरा सैकड़ों साल पुराना पीपल वृक्ष, हादसे की आशंका से श्रद्धालुओं में चिंता

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– त्रिवेणी संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध श्री लोमस ऋषि आश्रम में सैकड़ों वर्ष पुराना देववृक्ष पीपल भीषण बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। वृक्ष का एक बड़ा हिस्सा मंदिर के गुंबद पर गिरकर टिका हुआ है, जिससे मंदिर को नुकसान पहुंचने के साथ ही श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
अप्रिय घटना की आशंका बनी
आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, यह पीपल वृक्ष सैकड़ों वर्ष पुराना है और धार्मिक आस्था का विशेष केंद्र रहा है। पिछले दिनों महानदी में आई भीषण बाढ़ के दौरान वृक्ष क्षतिग्रस्त होकर मंदिर के गुंबद पर जा गिरा। इसके बाद से ही वृक्ष की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आशंका है कि यदि वृक्ष का शेष हिस्सा भी गिरता है तो मंदिर के गुंबद को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ भी किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर स्थिति की जानकारी संबंधित लोगों को होने के बावजूद करीब एक माह बीत जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त वृक्ष को हटाने अथवा सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में प्रतिदिन आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है।
नागरिकों एवं दर्शनार्थियों ने प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से क्षतिग्रस्त वृक्ष को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए तथा मंदिर के गुंबद को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि प्राचीन धार्मिक धरोहर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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