सप्तऋषियों के गोत्र से अवतरित ब्राह्मण समाज सर्वे भवन्तु सुखिनः के मार्ग पर चलता है, सभी समाज को दिशा देता है – सांसद लक्ष्मी वर्मा
विप्र भवन के निर्माण कार्यों के लिए सांसद लक्ष्मी वर्मा ने की 10 लाख रुपये की घोषणा

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को नवापारा के विप्र भवन में ब्राह्मण समाज द्वारा विशाल सामाजिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचीं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने ब्राह्मण समाज की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सप्तऋषियों के गोत्र से अवतरित ब्राह्मण समाज सदैव ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ सभी के कल्याण की कामना करता आया है। यह समाज ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन के माध्यम से अन्य समाजों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा एवं नगरपालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू द्वारा भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। आयोजन में समाज के वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और महिला समाज की सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज को सदैव बुद्धिजीवी वर्ग के रूप में जाना गया है। विनम्रता, त्याग और ज्ञान इसकी विशेष पहचान हैं। त्रेता, द्वापर, सतयुग से लेकर कलियुग तक सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने में ब्राह्मण समाज का योगदान रहा है। वाल्मीकि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध है। यह भगवान श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। वनवास काल में भी भगवान श्रीराम का इस क्षेत्र से गहरा संबंध रहा है। चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। वहीं राजिम और नवापारा क्षेत्र का भी गौरवशाली इतिहास रहा है। महानदी यहां के जनजीवन का आधार है और इस क्षेत्र की संस्कृति, परंपराएं तथा धार्मिक मान्यताएं समाज को सदैव नई दिशा देती रही हैं।
संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत
सांसद वर्मा ने कहा कि आधुनिक युग में सभ्यता, संस्कृति और जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे समय में यह विचार करना जरूरी है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को कैसी विरासत सौंपकर जा रहे हैं। पहले संयुक्त परिवारों में चार-पांच भाई एक साथ रहते थे। परिवार केवल साथ रहने की व्यवस्था नहीं था, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी था। आज संयुक्त परिवारों की व्यवस्था कमजोर हो रही है, जिसका असर सामाजिक एकता पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव स्वाभाविक है, लेकिन अपनी संस्कृति और संस्कारों के अच्छे मूल्यों को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। बच्चों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का महत्व समझाना चाहिए। हमारी सनातन संस्कृति भेदभाव नहीं, बल्कि सद्भाव, एकता और भाईचारे का संदेश देती है। ब्राह्मण समाज सहित बुद्धिजीवी वर्ग को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।
विप्र भवन के निर्माण कार्यों के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने नवापारा के विप्र भवन में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का उपस्थित समाजजनों ने स्वागत किया।
संगठन की ताकत को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं युवा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय ने कहा कि संगठन में ताकत होती है और इस ताकत को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाना जरूरी है। समाज को ऐसा कार्य करना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शिका बने। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक कार्यक्रम में आपसी तालमेल के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सामाजिक एकता को मजबूत करें।
सामाजिक समरसता और भाईचारा बना रहे
नगरपालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू ने ब्राह्मण समाज को शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंद्रमा का अमृत सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के प्रति हमेशा सम्मान का भाव रहा है और आगे भी यह सम्मान बना रहेगा। समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होनी चाहिए।
सर्व समाज के लिए उपलब्ध हैं शव वाहन और शव फ्रीजर
नवापारा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष प्रसन्न शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि समाज के सभी कार्यक्रम आपसी तालमेल और सहयोग से भव्य रूप में आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि नवापारा ब्राह्मण समाज ने सर्व समाज की सेवा के उद्देश्य से शव वाहन और शव फ्रीजर की सुविधा समर्पित की है। विप्र भवन भी बहुत कम शुल्क पर सभी समाजों को सामाजिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सामाजिक सहयोग और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
संस्कृत से पहले संस्कृति की शिक्षा जरूरी
कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे भगवताचार्य युवराज पाण्डेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज का त्याग और तपस्या की परंपरा में विशेष स्थान है। समाज के लोगों को आपसी मतभेद और बैरभाव से दूर रहकर एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्कृति हमारी गरिमा और अस्तित्व की पहचान है। संस्कृत की शिक्षा देने से पहले संस्कृति और संस्कारों की शिक्षा देना जरूरी है। समाज को अपनी परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में हायर सेकेंडरी स्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य आर.बी. शर्मा, शासकीय राजीव लोचन महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य ओ.पी. दुबे, रमाकांत शर्मा, सेवानिवृत्त बीएमओ डॉ. ए.के. शर्मा, जनपद सदस्य आशीष पाण्डेय, सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रफुल्ल दुबे, कुलेश्वर महाविद्यालय की प्राचार्य मधुरानी शुक्ला, प्राचार्य सीमा शर्मा, प्राचार्य आलोक शर्मा, सेवानिवृत्त बीईओ चंद्रशेखर मिश्रा, कैलाश शुक्ला, रमेश तिवारी, सौरभ शर्मा, अजय तिवारी, ज्ञानेश शर्मा, मनहरण शर्मा, अंकित शर्मा, अनंत पुराणिक, अशोक तिवारी, शिव तिवारी, गुड्डू मिश्रा शामिल हुए ।
साथ ही ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष सनत शर्मा, विकास तिवारी, सुनील तिवारी, पं. दिनेश तिवारी, कन्हैया शर्मा, संतोष मिश्रा, संतोष शर्मा, चंद्रकांत मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, प्रसन्न दुबे, मनीष शर्मा, अतुल शर्मा, संजय शर्मा, पीयूष शर्मा, सौरभ उपाध्याय, ललित पाण्डेय, उत्कर्ष शर्मा, श्याम शर्मा, राम शर्मा, चंद्रकुमार तिवारी, समाज की वरिष्ठ सदस्य कस्तूरी तिवारी, महिला ब्राह्मण समाज की अध्यक्ष रेखा तिवारी, कोषाध्यक्ष सुभाषिनी शर्मा, तनु मिश्रा, सोमा शर्मा, डॉ. श्वेता पाण्डेय, रुचि शर्मा, रेणुका तिवारी, पूनम पाण्डेय एवं पुष्पांजलि पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।
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