कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय दसकुंड महोत्सव एवं वनदेवी यज्ञ का शुभारंभ, 19 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन

आस्था, लोककला और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का संगम

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) छुरा :– छत्तीसगढ़ की धार्मिक आस्था और समृद्ध लोकसंस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से छुरा ब्लाक के केडीआमा (रमनपुर) में नौ दिवसीय दसकुंड महोत्सव 2026 एवं भव्य वनदेवी यज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। 11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित इस महोत्सव को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों में उत्साह का माहौल है।

दसकुंड विकास समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में नौ कुंडी वनदेवी यज्ञ प्रमुख आकर्षण रहेगा। जामवंत दादा की तपोस्थली मानी जाने वाली रहस्यमयी गुफा, सिद्धेश्वरी वनदेवी माता मंदिर, सुरंग पानी और घटारानी मंदिर के आसपास का क्षेत्र आयोजन के प्रमुख केंद्र रहेंगे।

महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं और लोकनृत्यों को भी मंच देने की तैयारी की गई है। सुवा नृत्य, पंथी, राउत नाचा, कर्मा, जसगीत, पंडवानी, भरथरी और रामायण मंडलियों जैसी विधाओं के माध्यम से स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारा एवं छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पाककला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फरा, मुठिया, दूध फरा, चौसेला, चीला, अइरसा, गोटर्रा भजिया और खपुर्री रोटी जैसे व्यंजनों की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने की पहल की जाएगी। नवरात्रि की पंचमी पर 100 किलोग्राम की विशाल अंगाकर पान रोटी तैयार करना महोत्सव का विशेष आकर्षण रहेगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पाककला और ग्रामीण जीवनशैली की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

नौ जलकुंड और अग्निकुंड की विरासत पर रहेगा जोर

दसकुंड क्षेत्र की पहचान यहाँ के जंगलों, पहाड़ियों, प्राकृतिक जलस्रोतों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी है। स्थानीय जनश्रुतियों में नौ जलकुंड और एक अग्निकुंड का विशेष उल्लेख मिलता है। जाम पानी, सुरंग पानी, माहुर पानी, आंवरा पानी, सेम्हर पानी, कुडेरा पानी, कुर्रु पानी, गोइंदला पानी और कुसुम पानी इस क्षेत्र की जलस्रोत परंपरा से जुड़े प्रमुख नाम हैं।

महोत्सव के माध्यम से इन जलस्रोतों और स्थानीय मान्यताओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए समिति द्वारा आवश्यक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, आवागमन, स्वच्छता और शांति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति, ग्रामीणों और संस्कृति प्रेमियों ने महोत्सव में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl

यह खबर भी जरुर पढ़े

नवरात्र पर दसकुंड महोत्सव की तैयारी : अखंड दीप और 100 किलो पान रोटी बनेगी आकर्षण

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल