नगरीय निकायों में शुरू होगा महा सर्वे : वर्षों से काबिज पात्र परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक और स्थायी पट्टा, जानिए क्या हैं पात्रता की शर्तें और नियम?
गरीब और पात्र परिवार शासन की योजनाओं से न रहें वंचित : रोहित साहू

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप गरियाबंद जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में निवासरत गरीब और भूमिहीन परिवारों को उनका हक दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का आभार व्यक्त करते हुए राजिम विधायक रोहित साहू ने आवश्यक पहल की सराहना की है। शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के साथ विधायक साहू ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शासन की मंशा बेहद स्पष्ट है कि कोई भी गरीब, श्रमिक और वास्तविक रूप से पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी नगरीय निकायों में नगर के सभी वार्डों में एक व्यापक और पारदर्शी सर्वे अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत पात्र परिवारों को नियमानुसार स्थायी पट्टा प्रदान किया जाएगा।
विधायक रोहित साहू ने योजना की तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा आवासहीन व्यक्ति पट्टा अधिकार अधिनियम 2023 एवं इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार ही नगरीय क्षेत्रों में निवासरत पात्र परिवारों को स्थायी पट्टा देने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सर्वे का कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाए ताकि वास्तविक रूप से जरूरतमंद और गरीब परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिल सके।
वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे करेगी टीम
विधायक रोहित साहू ने नगर पालिका/नगर पंचायत प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि सभी नगरीय निकायों के सभी 15 वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे किया जाए और बिना किसी भेदभाव के पात्र हितग्राहियों की एक प्रमाणिक सूची तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने आम नागरिकों और वार्ड वासियों से भी एक विशेष अपील की है कि जब सर्वे टीम आपके घर पहुँचे तो उन्हें पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवश्यक आवेदन और दस्तावेज निकाय कार्यालय में प्रस्तुत करें। साथ ही वार्ड पार्षदो को भी पत्र भेजकर सहयोग करने अपील किया गया है।
क्या हैं पात्रता की शर्तें और नियम?
शासन के नियमानुसार, स्थायी पट्टा केवल उन्हीं हितग्राहियों को आवंटित किया जाएगा जो पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करते हों। इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र में 600 वर्गफीट तथा अन्य निकाय क्षेत्रों में 800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 के पूर्व से निवासरत परिवार इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे गरीब
रोहित साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सरकार गरीब, श्रमिक, किसान और हर जरूरतमंद वर्ग के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह पट्टा वितरण योजना भी इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि नगर के कई परिवार ऐसे हैं जो पीढ़ियों या वर्षों से शासकीय भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। लेकिन वैध दस्तावेज अर्थात पट्टा न होने के कारण उन्हें न तो प्रधानमंत्री आवास मिल पा रहा है न बैंकों से लोन मिल पाता है और न ही वे अन्य सरकारी विकास योजनाओं का लाभ ले पाते हैं। अब शासन उन्हें नियमानुसार पट्टा सौंपकर न सिर्फ उनका मालिकाना हक तय करेगा बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा।
विधायक रोहित साहू के इस कड़े रुख और जनहितैषी पहल से नगर के हजारों जरूरतमंद परिवारों में खुशी की लहर है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से असंख्य परिवारों को सिर छिपाने के लिए स्थायी जमीन की सुरक्षा मिलेगी और उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर भी सुदृढ़ होगा।
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