स्कूल का जर्जर गेट बना मौत का कारण, 8 साल के मासूम की दबकर मौत, तीजा मनाने मामा के घर आया था
ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– तीजा पर्व की खुशियां उस परिवार के लिए मातम में बदल गईं, जब अपनी मां के साथ मामा के घर आया 8 साल का मासूम एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि स्वामी आत्मानंद स्कूल का लोहे का मेन गेट अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना बलौदाबाजार जिले के हथबंद थाना क्षेत्र की है।
मृतक बच्चे की पहचान बिलासपुर जिले के कोटा स्थित लारीपारा निवासी शिवम यादव (8) के रूप में हुई है। बताया गया कि शिवम तीजा पर्व मनाने अपनी मां के साथ हथबंद स्थित अपने मामा के घर आया था। मामा का घर स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास ही है।
बच्चों के साथ खेलने निकला था शिवम
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 10 बजे शिवम अन्य बच्चों के साथ स्कूल परिसर के पास खेलने जा रहा था। इसी दौरान स्कूल का लोहे का मुख्य गेट अचानक भरभराकर गिर गया और शिवम उसकी चपेट में आ गया। गेट के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जब तक लोग बच्चे को बाहर निकालकर मदद पहुंचा पाते, उसकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल के मुख्य गेट को सहारा देने वाला कंक्रीट का कॉलम पिछले करीब तीन महीने से जर्जर हालत में था। कॉलम ऊपर और नीचे दोनों तरफ से कमजोर हो चुका था और गेट कथित तौर पर केवल एक लोहे की पट्टी और कील के सहारे टिका हुआ था।

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर कॉलम की स्थिति स्कूल प्रबंधन की जानकारी में थी, इसके बावजूद समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि यदि समय रहते गेट की मरम्मत या उसे सुरक्षित तरीके से हटाने की कार्रवाई कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल परिसर में नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि शाला विकास समिति की ओर से प्रत्येक छात्र से सालाना 600 रुपए विकास शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद स्कूल के मुख्य गेट जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था की मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विद्यार्थियों से स्कूल के विकास और जरूरी व्यवस्थाओं के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है, तो जर्जर गेट की मरम्मत में इतनी देरी क्यों की गई। उनका कहना है कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए थी।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई है। वहीं, घटना को लेकर प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
तीजा पर्व पर घर आया मासूम अब नहीं लौटेगा
शिवम तीजा पर्व के मौके पर अपनी मां के साथ मामा के घर आया था। परिवार को उम्मीद थी कि त्योहार की खुशियां बच्चों के साथ मिलकर मनाई जाएंगी, लेकिन स्कूल के जर्जर गेट ने एक पल में सब कुछ बदल दिया। मासूम की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे की जान ऐसी लापरवाही की भेंट न चढ़े।
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