मृत मानकर 20 दिन पहले किया अंतिम संस्कार, जिंदा लौटा युवक; अब नया सवाल- आखिर मृतक कौन था?

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस युवक को परिवार ने मृत मानकर करीब 20 दिन पहले उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वही युवक धमतरी में जिंदा मिला। युवक की पहचान मोतीलाल के रूप में हुई है। उसके जिंदा मिलने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नाले में मिला शव किसका था, जिसका अंतिम संस्कार परिवार ने मोतीलाल समझकर कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी चौकी क्षेत्र के सुकरौली बैरली गांव निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल कई दिनों से लापता था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी दौरान धमतरी के संभलपुर मोड़ स्थित एक पेट्रोल पंप के पास वह कथित रूप से लावारिस और संदिग्ध हालत में बैठा मिला।
इसी दौरान बरदन वेलफेयर सेवा समिति के सदस्यों की नजर युवक पर पड़ी। उन्होंने बातचीत कर उसकी पहचान जानने की कोशिश की। अस्पताल में इलाज के दौरान समाजसेवियों ने युवक से पूछताछ की, जिसके बाद उसके पास से एक वोटर आईडी कार्ड बरामद हुआ। वोटर आईडी के आधार पर उसकी पहचान बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी चौकी क्षेत्र के सुकरौली बैरली गांव के मोतीलाल के रूप में हुई।
समाजसेवियों ने स्थानीय चौकी के माध्यम से युवक के परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद समिति के सदस्य उसे वाहन से उसके गांव पहुंचाने के लिए निकले।
परिवार ने कर दिया था अंतिम संस्कार

वहीं मोतीलाल के लापता होने के बाद बीती 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास एक सड़ा-गला और क्षत-विक्षत शव मिला था। शव की हालत बेहद खराब थी। कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में की थी। पुलिस कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था, जिसके बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
लेकिन अब मोतीलाल के जिंदा मिलने से पूरा मामला उलझ गया है। परिजनों ने जब उसे सामने देखा तो वे भी हैरान रह गए। परिवार के आँसू खुशी से छलक पड़े। लेकिन उसके जिंदा मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
अब नाले में मिले शव की होगी पहचान
मोतीलाल के जिंदा मिलने की सूचना के बाद पुलिस भी मामले की नए सिरे से जांच में जुट गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास मिला शव आखिर किसका था और उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में कैसे हुई। पुलिस के सामने अब मृतक की वास्तविक पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है।
मोतीलाल के परिवार को सौंपे जाने के बाद इस पूरे मामले ने पुलिस की जांच और शव की पहचान की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।
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