साय कैबिनेट के 19 बड़े फैसलेः 15 नवंबर से धान खरीदी, बिजली बिल में राहत और कैशलेस इलाज को मंजूरी

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक में धान खरीदी, एम-ऊर्जा योजना, कैशलेस इलाज, पर्यटन एवं खेल मिशन, 295 किमी रेल परियोजना और औद्योगिक निवेश सहित 19 अहम फैसले लिए गए।
किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा। एग्रीस्टेक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को दोबारा पंजीयन नहीं कराना होगा और उन्हें धान बेचने के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की जरूरत भी नहीं होगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू होंगे, जिससे प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों पर खरीदी होगी। कैबिनेट ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान का नीलामी से निराकरण करने संबंधी उपसमिति के निर्णय का भी अनुसमर्थन किया। वहीं, कृषक उन्नति योजना में संशोधन को मंजूरी देते हुए धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने का निर्णय लिया गया।
7.25 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत
मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक खपत की पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। इससे लगभग 7.25 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।
सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान पहले स्वयं भुगतान कर बाद में प्रतिपूर्ति लेने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी। पूर्व-अनुमोदन और दावों का निपटारा ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
सड़क निर्माण और अधोसंरचना पर जोर
डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए सड़क निर्माण ठेकेदारों को राहत देने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक उपयोग किए गए बिटुमिन पर 130.88 करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी। राज्य वित्त पोषित सड़क कार्यों के पात्र अनुबंधों में 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी राहत मिलेगी, जिस पर 70 से 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च का अनुमान है।
‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये, यानी प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन में सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान, जीआईएस आधारित नियोजन, डीपीआर की अग्रिम तैयारी, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर रहेगा।
पर्यटन, खेल और उद्योगों को बढ़ावा
‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ पांच वर्षों तक संचालित होगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। पर्यटन स्थलों पर कनेक्टिविटी, सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाएं बढ़ाने के साथ होमस्टे तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ के लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित होंगे। खिलाड़ियों को बुनियादी प्रशिक्षण से लेकर विशेषज्ञ कोचिंग और खेल विज्ञान की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन कर 1000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया। औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन से भूमि उपयोग को सरल बनाने और पारदर्शी ई-नीलामी को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
295 किलोमीटर रेल परियोजना को मंजूरी
कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। लगभग 8000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 295 किलोमीटर लंबी परियोजना में करीब 2000 करोड़ रुपये की अंशपूंजी होगी, जिसमें राज्य सरकार और रेल मंत्रालय लगभग 1000-1000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे।
कुंवरगढ़ नामकरण और पांच स्थानों का पुनर्विकास
रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में दुर्ग के शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज के वेटनरी अस्पताल परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती के बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की परिसंपत्तियों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी मिली। इन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
राजनांदगांव में भंडारण और फल प्रसंस्करण परियोजनाएं
राजनांदगांव जिले के खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इसमें लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
अन्य फैसले भी अहम
कैबिनेट ने विशुद्ध राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने की आगामी कार्रवाई की अनुमति दी। सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पद सृजित करने तथा वन मुख्यालय में एक वर्ष के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का अस्थायी पद बनाने को मंजूरी दी गई। स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन से नियमित मानते हुए पात्र परिवारजनों को पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज देने की स्वीकृति भी दी गई।
छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl











