जमीन पर सोते समय सांप ने डसा, पिता-पुत्री समेत तीन की दर्दनाक मौत

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– मानसून की दस्तक के साथ ही सर्पदंश की घटनाएं जानलेवा साबित होने लगी हैं। दो अलग-अलग हादसों में जमीन पर सो रहे पिता-पुत्री और एक 13 वर्षीय किशोरी की जहरीले सांप के डसने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने और झाड़-फूंक के भरोसे रहने से तीनों की जान नहीं बच सकी।
जानिए पूरा मामला
पहली घटना बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डंभाटोली की है। यहां 36 वर्षीय शनिचरा पैकरा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जमीन पर बिस्तर बिछाकर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे एक जहरीला सांप बिस्तर पर चढ़ गया और शनिचरा के साथ उनकी चार वर्षीय बेटी महंती को डस लिया। कुछ काटने का एहसास होने पर शनिचरा की नींद खुली तो बिस्तर पर सांप देखकर उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते पिता-पुत्री की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजन दोनों को अस्पताल ले जाने के बजाय काफी देर तक गांव में झाड़-फूंक कराते रहे। इलाज में हुई देरी जानलेवा साबित हुई। सुबह करीब चार बजे जब दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने महंती को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में शनिचरा को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
करैत सांप ने 13 साल की बच्ची को डंसा
दूसरी घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सकरिया की है। मैनपाट के परपटिया निवासी 13 वर्षीय आसमनी एक्का अपने मामा के घर आई हुई थी। वह अपनी मौसी के साथ जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान करैत सांप ने उसे डस लिया। परिजन पहले उसे कुन्नी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। रात करीब ढाई बजे इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
बरसात में जहरीले जीवों से सावधान रहने की जरूरत
बता दें कि बरसात का मौसम शुरू होते ही पानी बढ़ने से सांप, बिच्छू और जहरीले कीड़ों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में इन जहरीले सांपों और कीड़ों से सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टर का कहना है, अगर आपके आसपास किसी को सांप, बिच्छू या कोई जहरीला कीड़ा काट ले तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
डॉक्टरों का मानना है कि सभी सांप जहरीले नहीं होते। ज्यादातर मौतें सांप काटने के बाद घबराहट में होती हैं। वर्तमान में जहरीले सांप के काटने का भी इलाज उपलब्ध है। एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन से पीड़ित के शरीर से सांप का जहर कम किया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के ज्यादा मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या बैगा-गुनिया के चक्कर में न पड़कर बिना देर किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए। सांप काटने की घटनाएं ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में अधिक होती है। बहुत से ग्रामीण जमीन पर सोते हैं। इससे उनके सर्पदंश के शिकार होने की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। सर्पदंश से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार ग्रामीणों को बारिश के मौसम में जमीन पर नहीं सोने और मच्छरदानी लगाकर सोने की सलाह दी जाती है।
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