छुरा विकासखंड के अंतिम छोर पर छह गौरों की दस्तक, ग्रामीणों में बढ़ी सतर्कता
फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के सिरसाहिनार जंगल में छह गौर देखे गए, वन विभाग ने जारी की चेतावनी

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा :– छुरा विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित सोरिद खुर्द, नागझर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रमांक 21 (सिरसाहिनार) के जंगल में छह गौर (भारतीय बाइसन) एक साथ देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है। गौरों के दल के जंगल में विचरण करने की पुष्टि के बाद वन अमला लगातार क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा वर्षा ऋतु में वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में जंगल से लगे इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे में गौरों के दल के देखे जाने से ग्रामीणों को खेत-खार एवं जंगल से लगे क्षेत्रों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने विशेष रूप से मवेशी चराने वाले ग्रामीणों और जंगल आधारित गतिविधियों में लगे लोगों को अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की सलाह दी है।
सबसे बड़ा जंगली पशु
गौर भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा जंगली पशु माना जाता है। इसका विशाल शरीर और तेज गति इसे अन्य वन्यजीवों से अलग बनाती है। सामान्य परिस्थितियों में गौर शांत स्वभाव का होता है, लेकिन किसी प्रकार का खतरा महसूस होने पर यह आक्रामक भी हो सकता है। इसी कारण वन विभाग ने ग्रामीणों से गौरों के नजदीक जाने, तस्वीर लेने या उन्हें भगाने का प्रयास नहीं करने की अपील की है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से जंगल के भीतर बड़े आकार के वन्यजीवों की आवाजाही के संकेत मिल रहे थे। अब छह गौरों का दल देखे जाने के बाद गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या फसल नुकसान की सूचना नहीं मिली है, फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी व्यक्ति को गौर दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल निकटस्थ वनरक्षक, बीट गार्ड या वन विभाग के अधिकारियों को दी जाए। विभाग का अमला क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सावधानी और सतर्कता से मानव-वन्यजीव संघर्ष की किसी भी संभावना को टाला जा सकता है।
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