बारिश ने खोली छुरा की व्यवस्था की पोल, बाजार चौक बना ‘तालाब’; पानी में तैरती सब्जियां, घुटनों तक भरे पानी से गुजरते रहे लोग

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा:– छुरा इलाके में शनिवार को हुई तेज बारिश ने एक बार फिर व्यवस्था की पोल खोल दी। भारी बारिश के बाद नगर का साप्ताहिक बाजार पानी और कीचड़ से घिर गया। हालात ऐसे रहे कि कई जगह सड़क पर जमा पानी में सब्जियां तैरती नजर आईं, जबकि दुकानदार और ग्राहक घुटनों तक भरे पानी के बीच आवागमन करने को मजबूर रहे।
बारिश के दौरान बाजार में मौजूद स्कूली बच्चों की परेशानी भी साफ दिखाई दी। बच्चों की जुबान से निकला “कहां से निकलें, सड़क और नाली तो एक बराबर हो गई है।” यह तस्वीर नगर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति बयां करने के लिए काफी रही।
बाजार चौक में हर बारिश में बन जाता है ‘तालाब’
छुरा का बाजार चौक बारिश के मौसम में जलभराव और कीचड़ की समस्या के लिए लंबे समय से चर्चा में रहा है। शनिवार को तेज बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो गया और जगह-जगह कीचड़ फैल गया। साप्ताहिक बाजार होने के कारण यहां सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी। सब्जी विक्रेताओं को पानी के बीच अपना सामान बचाने की मशक्कत करनी पड़ी। वहीं खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को भी गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा।
एक दिन की बारिश और तहसील मुख्यालय की तस्वीर बदली
छुरा तहसील मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश के बाद कई सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर सड़क और नाली के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया। घरों और दुकानों के सामने पानी जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। नगरवासियों का कहना है कि एक दिन की तेज बारिश में ही मुख्यालय की स्थिति ऐसी हो जाती है, मानो पूरा नगर टापू में तब्दील हो गया हो।
बारिश ने खड़े किए सवाल
बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने नगर में सड़क, नाली और जल निकासी व्यवस्था को लेकर किए जा रहे विकास कार्यों के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नालियों की क्षमता पर्याप्त होती और उनकी नियमित सफाई होती तो तेज बारिश के बाद सड़कों पर इस तरह पानी नहीं भरता। कई जगह नालियों में कचरा और गंदगी जमा होने से पानी का बहाव बाधित होने की बात भी सामने आ रही है।
नगरवासियों का कहना है कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनकी उपयोगिता और गुणवत्ता की निगरानी भी जरूरी है। हालांकि किसी भी तरह की कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
लाखों के काम, फिर भी बारिश में सड़कें जलमग्न
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि नगर में सड़क और नाली निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो सामान्य से तेज बारिश होते ही जल निकासी व्यवस्था क्यों चरमरा जाती है? लोगों का कहना है कि निर्माण के साथ-साथ सही ढलान, पर्याप्त क्षमता वाली नालियां और पानी की निकासी के अंतिम बिंदु पर भी ध्यान देना जरूरी है। केवल सड़क और नाली बना देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
स्थायी समाधान की मांग
नगरवासियों ने जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश का मौसम खत्म होने का इंतजार करने के बजाय अभी से नालियों की सफाई, जल निकासी मार्गों की जांच और जरूरत वाले स्थानों पर नए नालों के निर्माण की योजना बनाई जानी चाहिए।
हर साल बारिश के दौरान सामने आने वाली इस समस्या के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छुरा की जल निकासी व्यवस्था कब सुधरेगी? क्या हर बारिश में लोगों को सड़क पर जमा पानी उतरने का इंतजार करना पड़ेगा या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे?
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