श्री कृष्ण जन्म की बेला में भक्तिमय हुआ नवापारा-राजिम, जन्म लेते ही हुई पुष्पवर्षा, बंटा माखन-मिश्री का प्रसाद

राधाकृष्ण मंदिर में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब, आधी रात को गूंजा ‘हरि बोल’ और ‘स्वागतम कृष्णा

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नवापारा-राजिम अंचल में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। नवापारा के राधाकृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और राजिम के प्रसिद्ध भगवान राजीव लोचन मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न देवालयों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों, गुब्बारों, तोरण और पताकाओं से दुल्हन की तरह सजाया गया था। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठे।

100 साल पुराने राधाकृष्ण मंदिर की देखते ही बनी सजावट

नवापारा का ऐतिहासिक राधाकृष्ण मंदिर, जिसे करीब 100 वर्ष पूर्व सेठ भागीरथ लाल चतुर्भुज अग्रवाल द्वारा नगर को समर्पित किया गया था, जन्माष्टमी पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर में जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम, शिव परिवार, मां दुर्गा भवानी, हनुमानजी, अग्रसेन महाराज के साथ मनमोहक मुस्कान वाले राधाकृष्ण भगवान विराजमान हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों के साथ केला, सेवफल सहित विभिन्न फलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भगवान राधाकृष्ण को नए वस्त्र धारण कराकर केसर-चंदन का तिलक लगाया गया और माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया गया। मंदिर की भव्य सजावट और मनोहारी श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा।

भजनों पर देर रात तक झूमते रहे भक्त

राधाकृष्ण मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अंचल की सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। राजू काबरा सहित कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। ‘हरि आ जाओ’, ‘कृष्ण नाम प्यारा’, ‘शुक्रिया-शुक्रिया’, ‘फूलों से सजा दो’, ‘सारी दुनिया में आनंद छायो’, ‘बांटो आज बधाई’, ‘सारे मोहल्ले में हल्ला हो गया’, ‘गोरे-गोरे दाऊजी के काले भैया’, ‘ओ मम्मी कर दे तू तैयार’ और ‘लड्डू बंटे नगरिया’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे।

भजनों की धुन पर मंदिर के सर्वराकार एवं ट्रस्टी मोहनलाल, गोपाल और गिरधारी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी खुद को रोक नहीं सके और भक्ति में झूमते नजर आए। मंदिर में भक्तों की संख्या हजारों में रही। भीड़ का आलम यह था कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी जगह पर बैठे-बैठे ही भजनों पर झूमते रहे।

12 बजते ही छाया अंधेरा, मोबाइल की रोशनी में गूंजा ‘हरि बोल’

जैसे-जैसे मध्यरात्रि करीब आती गई, मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंचता गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से ठीक पहले पूरे मंदिर परिसर की रोशनी बंद कर दी गई। कान्हा की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल की स्क्रीन ऑन कर ली। अंधेरे में मोबाइल की रोशनी और हजारों भक्तों के कंठ से निकलती ‘हरि बोल’ और ‘स्वागतम कृष्णा’ की गूंज ने माहौल को अद्भुत बना दिया।

जैसे ही रात के 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। गुब्बारे फूटने लगे और पुष्पवर्षा के बीच श्रद्धालु कान्हा के दर्शन के लिए आतुर नजर आए। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष के साथ भक्तों ने जमकर उत्सव मनाया। इसके बाद भगवान की विशेष आरती की गई और माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बना।

श्रद्धालुओं की भीड़

राधाकृष्ण मंदिर में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने आयोजन की भव्यता का अंदाजा साफ तौर पर करा दिया। मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। भक्तों की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर ट्रस्टियों को भीड़ की व्यवस्था को लेकर नए सिरे से विचार करने की जरूरत महसूस हुई। हालांकि भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ।

राजीव लोचन मंदिर में भी रही जन्माष्टमी की धूम

राजिम के प्रसिद्ध भगवान राजीव लोचन मंदिर में भी जन्माष्टमी पर्व पर विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। दिनभर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर उत्सव मनाया। नवापारा के राधाकृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर और राजिम के राजीव लोचन मंदिर सहित अन्य देवालयों में देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

जन्मोत्सव के पश्चात बाल गोपाल का गंगाजल एवं पंचामृत से अभिषेक कराया गया। इसके बाद माखन-मिश्री और पंजीरी का भोग लगाया गया। विशेष आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए बड़ी संख्या में आयोजन में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया गया।

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