शिक्षा विभाग का गजब खेल! कहीं शिक्षक नहीं, कहीं दो-दो व्याख्याता की पदस्थापना!, ग्रामीणों में आक्रोश

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभाग की शिक्षक वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मैनपुर विकासखंड के लाटापारा हाईस्कूल में जहां शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है, वहीं सेजेस स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल छुरा में जीव विज्ञान विषय के दो व्याख्याताओं की पदस्थापना होने की जानकारी सामने आई है। एक ओर जरूरतमंद स्कूल शिक्षक के लिए इंतजार कर रहा है, तो दूसरी ओर एक ही विषय के दो व्याख्याता एक ही स्कूल में पदस्थ हैं।
जानकारी के मुताबिक सेजेस स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल छुरा में जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा गोयल की पदस्थापना पहले ही मंत्रालय स्तर से हो चुकी थी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चंद्राकर द्वारा जीव विज्ञान विषय के व्याख्याता श्री ध्रुव की पदस्थापना भी इसी स्कूल में कर दी गई।
बताया जा रहा है कि श्री ध्रुव जिला शिक्षा अधिकारी के विकल्प में आए थे और उन्हें मैनपुर विकासखंड के लाटापारा हाईस्कूल में पदस्थ किया जाना था। लेकिन उनकी पदस्थापना छुरा के उसी स्कूल में कर दी गई, जहां जीव विज्ञान विषय का एक व्याख्याता पहले से पदस्थ है।
लाटापारा में शिक्षक की जरूरत, छुरा में दो पदस्थ
लाटापारा हाईस्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में जब ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल शिक्षक की कमी से जूझ रहे हैं, उसी समय एक अन्य स्कूल में एक ही विषय के दो व्याख्याताओं की पदस्थापना को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि श्री ध्रुव को लाटापारा हाईस्कूल में पदस्थ किया जाना था, तो उन्हें वहां भेजने के बजाय छुरा में पहले से पदस्थ जीव विज्ञान व्याख्याता के साथ पदस्थ क्यों किया गया? यही सवाल अब शिक्षा विभाग की पदस्थापना व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों में आक्रोश, चक्काजाम की तैयारी
लाटापारा में शिक्षकों की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण अब अपनी मांग को लेकर चक्काजाम की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े इस गंभीर विषय पर विभाग को तत्काल ध्यान देना चाहिए और स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करनी चाहिए।
एक तरफ शिक्षक की कमी से जूझता लाटापारा हाईस्कूल और दूसरी तरफ छुरा में एक ही विषय के दो व्याख्याताओं की पदस्थापना—शिक्षा विभाग की यह व्यवस्था अब सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग पदस्थापना की स्थिति की समीक्षा करे और जहां वास्तव में शिक्षकों की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापना की जाए।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और चक्काजाम की तैयारी के बीच शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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