पीएमश्री स्कूल की दुर्दशा: स्कूल में घुसा बारिश का गंदा पानी, कीचड़ और बदबू के बीच पढ़ रहे बच्चे

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री योजना के तहत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला सोमवारी बाजार नवापारा की बदहाली ने योजना के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण स्कूल परिसर जलमग्न हो गया है। आसपास के घरों और मोहल्लों का गंदा पानी सीधे स्कूल परिसर में भर रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को गंदगी और बदबू के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है, जबकि स्कूल के रसोईघर में बारिश का पानी और कीड़े-मकोड़े पहुंचने से मध्यान्ह भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया है।
आखिरकार रसोइयों ने अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन बनाने से इनकार कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने आपात बैठक कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अभनपुर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समिति ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
स्कूल बना गंदे पानी का तालाब
स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल के आसपास बनी नालियों का पानी सीधे विद्यालय परिसर में आकर भर जाता है। लगातार बारिश के बाद स्थिति और भी भयावह हो गई है। पूरा परिसर कीचड़ और गंदे पानी से लबालब है। बच्चे रोज इसी पानी से होकर कक्षाओं तक पहुंचते हैं। परिसर में फैली बदबू और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल की रसोई भी इस जलभराव से अछूती नहीं है। जहां बच्चों का मध्यान्ह भोजन तैयार होता है, वहां तक गंदा पानी पहुंच गया है। रसोईघर में नाली का कीड़े-मकोड़ों है। ऐसे माहौल में भोजन तैयार करना न केवल मुश्किल बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है।
रसोइयों ने कहा-खाना बनाना संभव नहीं
रसोइयों ने साफ शब्दों में कहा कि गंदे पानी और कीड़ों से भरे किचन में भोजन बनाना बच्चों की सेहत से खिलवाड़ होगा। इसी कारण उन्होंने मध्यान्ह भोजन तैयार करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक रसोईघर और परिसर को सुरक्षित एवं स्वच्छ नहीं बनाया जाता, तब तक भोजन बनाना संभव नहीं है। इसका सीधा असर सैकड़ों बच्चों पर पड़ रहा है, जो रोज स्कूल में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन पर निर्भर रहते हैं।
पहले भी की गई शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
शाला प्रबंधन समिति का आरोप है कि यह समस्या नई नहीं है। जलभराव और नाली निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। बार-बार आवेदन और शिकायत के बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय के पास से गुजरने वाली मुख्य नाली पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिससे बारिश का पूरा पानी स्कूल परिसर में भर जाता है। जब तक इस नाली की सफाई या निर्माण नहीं होगा, तब तक हर बारिश में यही स्थिति बनी रहेगी।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों खतरे में
जलभराव के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छोटे-छोटे बच्चे गंदे पानी से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। कई अभिभावकों ने भी संक्रमण की आशंका जताते हुए बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर रहे हैं। विद्यालय परिसर में मच्छरों और कीड़ों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे वातावरण में बच्चों को पढ़ाना और भोजन कराना दोनों ही चुनौती बन चुके हैं।
समिति ने बीईओ को सौंपा ज्ञापन
सोमवार को शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समस्या के समाधान तक मध्यान्ह भोजन बंद रखा जाएगा और आवश्यक होने पर स्कूल संचालन भी प्रभावित हो सकता है। इसके बाद समिति ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी अभनपुर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था, बंद नाली खुलवाने और स्थायी समाधान की मांग की। समिति ने हमारे संवाददाता को बताया कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं होता, आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पीएमश्री योजना पर उठे सवाल
जिस स्कूल को पीएम श्री योजना के तहत आधुनिक और आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाना है, वहां बच्चों को गंदगी, जलभराव और अस्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करनी पड़ रही है। करोड़ों रुपये की योजनाओं के बीच यदि एक प्राथमिक विद्यालय में जलनिकासी जैसी मूलभूत व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है, तो यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद नम्मुनारायण ध्रुव एवं वार्ड क्रमांक 16 की सभापति निर्मला-धीरज साहू ने बताया कि स्कूल में हर वर्ष जलभराव की समस्या मुख्य नाली के जाम होने के कारण उत्पन्न होती है। नगर पालिका की ओर से पूर्व में कई बार नाली की सफाई कराई गई, लेकिन नाली पूरी तरह जाम होने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर नाली गुजरती है, वह नवापारा-मगरलोड मुख्य मार्ग है, जिसका निर्माण एडीबी (ADB) परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कराया है। सड़क निर्माण के दौरान नाली पर छोटा ह्यूम पाइप लगाया गया, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई और बारिश के समय पूरा पानी स्कूल परिसर में भर जाता है।
पार्षदों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी एडीबी के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया। उनसे छोटा ह्यूम पाइप हटाकर बड़े व्यास का पाइप लगाने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान सड़क पर बड़ा ह्यूम पाइप लगाने से ही संभव है। चूंकि संबंधित सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन है, इसलिए यह कार्य केवल एडीबी-पीडब्ल्यूडी विभाग ही कर सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सुपरवाइजर वासुदेव ने बताया कि विद्यालय परिसर में जलभराव और नाली जाम होने की शिकायत मिली है। समस्या के समाधान के लिए जल्द ही जेटिंग मशीन से नाली की सफाई कराई जाएगी।
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