जनजातीय गौरव दिवस पर गरियाबंद जिले में होंगे विविध आयोजन, 15 नवंबर को होगा जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने अधिकारियों को कार्यक्रमों को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के दिए निर्देश

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) गरियाबंद :– जनजातीय गौरव, परंपरा, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से जिले में 11 से 18 नवंबर तक जनजातीय गौरव सप्ताह मनाया जाएगा। वहीं, 15 नवंबर 2026 को जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का गरिमामय आयोजन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आयोजन की आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने तथा सभी कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
जनजातीय नायकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का होगा सम्मान
जनजातीय गौरव सप्ताह के दौरान जिले में जनजातीय विषयों पर आधारित संगोष्ठी एवं सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। जनजातीय क्रांतियों के नायकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रमुख जनजातियों एवं उपजनजातियों के प्रतिनिधियों का भी सम्मान किया जाएगा। जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं स्मारक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाकर दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।
सप्ताह के दौरान जिला स्तरीय उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव (करमा महोत्सव) तथा शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव के अंतर्गत नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से जनजातीय लोककला, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय विकास प्रदर्शनी, हस्तशिल्प, कला-शिल्प, पारंपरिक व्यंजन और पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक जनजातीय वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
जनजातीय विषयों पर आधारित जिला स्तरीय चित्रकला एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं में जनजातीय जीवनशैली, परंपराओं, संस्कृति, लोककला और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही चित्रकला एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनी और पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा। जिला मुख्यालय में जनजाति स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इसमें जनजातीय कला एवं संस्कृति की प्रदर्शनी और विभिन्न विभागों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे। जनजातीय समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, उपलब्धियों और शासन की योजनाओं से संबंधित जानकारी का प्रतिदिन सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जनजातीय विषयों पर आधारित जनजागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
अधिकारियों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने, आयोजन स्थलों की व्यवस्था, प्रतिभागियों की सहभागिता तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस और सप्ताह के आयोजन में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले की समृद्ध जनजातीय विरासत, संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान मिल सके।
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