मौत भी न तोड़ सकी साथ: साथ जीने-मरने की कसम हुई पूरी, एक साथ उठी अंतिम यात्रा

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– राजिम क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम में साथ जीने-मरने की कसम निभाते वृद्ध दंपति ने एक ही दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मृत्यु के बाद भी दोनों को अलग न करते हुए एक ही कब्र में अंतिम विदाई दी गई, जिससे पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।

राजिम के समीपस्थ ग्राम बेलटुकरी में एक बेहद मार्मिक घटना ने सभी को भावुक कर दिया। यहां 81 वर्षीय द्वारिका प्रसाद हिरवानी और उनकी 78 वर्षीय पत्नी स्वर्गीय देवबती हिरवानी का एक ही दिन निधन हो गया। देवबती हिरवानी पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ थीं और बिस्तर पर थीं। उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली थी। इसी बीच 1 मई 2026 की रात उनके पति द्वारिका प्रसाद हिरवानी को गहरा सदमा लगा, जिसे वे सहन नहीं कर सके और उनका भी निधन हो गया।

इस अप्रत्याशित घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों ने दंपति के अटूट प्रेम और साथ को देखते हुए दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। परंपराओं के अनुसार श्रीमती देवबती का श्रृंगार किया गया, जिसके बाद बाजा-गाजा के साथ दोनों की संयुक्त शवयात्रा निकाली गई।

अंततः पति-पत्नी को एक ही कब्र में दफनाया गया। यह दृश्य हर किसी की आंखों को नम कर गया और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि जीवनभर साथ निभाने वाले इस दंपति ने मृत्यु के बाद भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिजन मौजूद रहे, जिन्होंने नम आंखों से इस अनोखे और भावुक दृश्य को देखा और दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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