गरियाबंद जिले में मोबाइल ऐप से होगी खाद की बुकिंग, क्यूआर टोकन के आधार पर मिलेगा खाद, जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया चयनित

उर्वरक वितरण की नई डिजिटल व्यवस्था

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएसएस) के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में गरियाबंद जिले का चयन पायलट जिले के रूप में किया गया है। जिले में 07 जुलाई से इस नई डिजिटल व्यवस्था का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है।

कृषि विभाग के उप संचालक चंदन राय ने बताया कि शासन की प्राथमिकता है कि किसानों को समय पर एवं सुगमता से उर्वरक मिल सके। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से निकटतम उर्वरक विक्रय केंद्र से आवश्यकता अनुसार खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे तथा बुकिंग के बाद निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित विक्रय केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों के समय की बचत होगी। साथ ही विक्रय केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी तथा उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण करने में भी सहायता मिलेगी। इस प्रक्रिया को दो चरणों में संचालित किया जाएगा।

गूगल प्ले स्टोर से करें डाउनलोड 

प्रथम चरण में किसानों को गूगल प्ले स्टोर से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FSS) मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद एप में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी दर्ज कर निकटतम उर्वरक विक्रय केंद्र का चयन करना होगा। आवेदन पूर्ण होने पर किसान को एक क्यूआर आधारित टोकन प्राप्त होगा, जिसकी वैधता तीन दिनों तक रहेगी। यदि निर्धारित अवधि म उर्वरक प्राप्त नहीं करता है तो यह टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा।द्वितीय चरण में किसान संबंधित उर्वरक विक्रय केंद्र पहुंचकर पीओएस मशीन में क्यूआर टोकन स्कैन कराएंगे तथा बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत निर्धारित दर पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि विभाग ने बताया कि एप के संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर किसान नोडल अधिकारी कृषि विभाग के सहायक संचालक अनिल कुमार कौशिक एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जसपाल साहू से सीधे संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग के अनुसार यह नई डिजिटल प्रणाली किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने तथा अनावश्यक भीड़ और कालाबाजारी पर नियंत्रण होगा।

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