त्रिवेणी संगम उफान पर: नवापारा के निचली बस्तियों में भरा पानी, सावन के पहले ही दिन श्री कुलेश्वरनाथ मंदिर का प्रकृति ने किया जलाभिषेक

निचले इलाकों के घरों में घुसा पानी, प्रशासन ने राहत शिविर शुरू किए, स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयां बांटी, संगम पर उमड़ी भीड़

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों से छोड़े जा रहे भारी मात्रा में पानी के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सिकासर जलाशय से 58 हजार क्यूसेक, सोंढुर जलाशय से 15 हजार क्यूसेक तथा गंगरेल डैम से भी पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसका असर गोबरा नवापारा के निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।

वहीं राजिम त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर के चबूतरे तक भी संगम का पानी पहुंच गया। सावन के पहले ही दिन वर्षों बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब संगम के जल ने स्वयं भगवान कुलेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया। कुलेश्वर नाथ के जलहरि से पानी गर्भ गृह तक भी पहुंचा, मानो जैसे सावन के पहले दिन प्रकृति खुद महादेव का जलाभिषेक करने आतुर हो रही थी। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग संगम तट पर पहुंचे।

निचले इलाकों में भरा पानी

इधर महानदी का जलस्तर बढ़ने से गोबरा नवापारा के वार्ड क्रमांक 15 इंदिरा मार्केट, देवारपारा, बंगानी निवास के पीछे का क्षेत्र, वार्ड क्रमांक 16 सोमवारी बाजार, वार्ड क्रमांक 17 तिरंगा चौक तथा वार्ड क्रमांक 18 के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

प्रभावित परिवार अपने जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन द्वारा सोमवारी बाजार एवं कृषि उपज मंडी में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, आवश्यकता पड़ने पर हाई स्कूल में भी वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी की गई है।

बुधवार शाम नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा तथा प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों से मुलाकात की। नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा राहत एवं बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

प्रशासन ने शुरू किए राहत शिविर 

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। तहसीलदार शेखर मंडई एवं राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया तथा राशन सामग्री का वितरण कराया। राहत शिविरों में पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों के पास न जाएं, प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयां बांटी

इधर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोबरा नवापारा की टीम ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेन्द्र साहू के नेतृत्व में स्वास्थ्य दल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और जलजनित तथा संक्रामक बीमारियों से बचाव के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया। टीम ने लोगों को ओआरएस, जिंक टैबलेट एवं बुखार की दवाइयों का वितरण किया तथा स्वच्छ पानी पीने, भोजन को ढंककर रखने, हाथों की सफाई और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

लगातार बढ़ते जलस्तर और जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रहे हैं, जबकि लोगों से अनावश्यक रूप से नदी किनारे नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।

VIDEO

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl

यह खबर भी जरुर पढ़े

सिकासार जलाशय से छोड़ा गया पानी, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट, त्रिवेणी संगम हुआ लबालब,

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल