खाद चोरी की ‘अनोखी सजा’! कंधे पर यूरिया की बोरियां बांधकर ढोल-नगाड़ों के साथ गांव में घुमाए दो युवक

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यहां यूरिया खाद चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले करने के बजाय कंधों पर यूरिया की बोरियां रस्सी से बांधकर ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में घुमाया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला मैनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत गौरगांव के आश्रित ग्राम झोलाराव का बताया जा रहा है।
चोरी का आरोप, बोरियों के साथ पकड़े गए युवक
जानकारी के मुताबिक, झोलाराव गांव के एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां गायब हो गई थीं। ग्रामीणों ने चोरी का आरोप गांव के ही प्रभु और कृष्णा नामक दो युवकों पर लगाया। बताया जा रहा है कि दोनों युवक खाद की बोरियां लेकर उन्हें कहीं ठिकाने लगाने या बेचने की तैयारी में थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को यूरिया की बोरियों के साथ पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने खुद की ‘कार्रवाई’
दोनों युवकों के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल पुलिस के सुपुर्द करने के बजाय अपने स्तर पर कार्रवाई करने का फैसला किया। इसके बाद चोरी की गई यूरिया की बोरियों को दोनों युवकों के कंधों पर रस्सी से बांध दिया गया। फिर ढोल-नगाड़े बजाते हुए दोनों को गांव की बस्ती में पैदल घुमाया गया।
अचानक गांव की गलियों में ढोल-नगाड़ों की आवाज और युवकों का जुलूस देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी इस पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए जमा हो गए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
पूरे घटनाक्रम का किसी ग्रामीण ने वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बन गई है। लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि चोरी के आरोप में पकड़े गए युवकों को कानून के हवाले करने के बजाय ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालकर कार्रवाई क्यों की?
‘सजा’ या कानून हाथ में लेने का मामला?
घटना को लेकर ग्रामीणों में अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ ग्रामीण इसे चोरी की घटनाओं के खिलाफ उनकी सख्ती और सामाजिक चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप होने की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई कराना ही उचित प्रक्रिया है। सार्वजनिक रूप से किसी व्यक्ति को इस तरह घुमाने की कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल युवकों पर लगाए गए चोरी के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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