छुरा-ब्रेकिंग रसेला क्षेत्र में फिर भालू का हमला, मशरूम तलाशने गए बुजुर्ग का चेहरा लहूलुहान
साथ गए युवक ने सूझबूझ दिखाकर बचाया, परिजन निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे
(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा:– रसेला क्षेत्र के जंगल में एक बार फिर भालू के हमले की घटना सामने आई है। मशरूम की तलाश में जंगल गए रसेला निवासी 55 वर्षीय लक्ष्मण यादव पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे उनका चेहरा बुरी तरह घायल हो गया। घटना के बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचाार जारी है।
अचानक सामने आया भालू
जानकारी के अनुसार लक्ष्मण यादव एक साथी के साथ ठेलकादादर जंगल की ओर मशरूम की तलाश में गए थे। इसी दौरान जंगल में अचानक भालू दिखाई देने पर वे भयभीत हो गए। वे कुछ समझ पाते उससे पहले ही भालू ने उन पर हमला कर दिया।
साथी युवक की सूझबूझ
हमले के समय साथ मौजूद युवक ने स्थिति को भांपते हुए तत्परता दिखाई और किसी तरह बुजुर्ग को भालू से बचाकर जंगल से बाहर निकाला। वह उन्हें गांव तक लेकर आया, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए।
हमले में बुजुर्ग के चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में एक ग्रामीण उन्हें कंधे का सहारा देकर जंगल से बाहर लाता नजर आ रहा है, जबकि घायल बुजुर्ग दर्द के बावजूद हाथ में लाठी थामे आगे बढ़ते दिख रहे हैं। ये तस्वीरें हमले की भयावहता को बयां करती हैं।
पहले भी हो चुकी है घटना
बताया जा रहा है कि रसेला क्षेत्र में इससे पहले भी गांव से लगे दादर जंगल में भालू के हमले की घटना सामने आ चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों जंगल के अलग-अलग हिस्सों में एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ विचरण कर रही है।
मशरूम की तलाश में ग्रामीण अक्सर जंगल के उन्हीं हिस्सों में पहुंच जाते हैं, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी भी रहती है। ऐसे में अचानक आमना-सामना होने पर वन्यजीव हमला कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भालू और उसके बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सावधानी ही बचाव
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच जंगल जाने वाले ग्रामीणों के लिए सावधानी बेहद जरूरी हो गई है। विशेषकर मशरूम, जलाऊ लकड़ी या अन्य वन उपज की तलाश में जाने वाले लोगों को अकेले जाने से बचना चाहिए और वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए जंगल के भीतर अनावश्यक रूप से जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
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