बाढ़ बनी काल! नाले में फिसली छात्रा, तीन दिन बाद महानदी किनारे मिला शव

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र में महानदी में आई बाढ़ का पानी देखने गई छात्रा की तलाश आखिरकार तीन दिन बाद खत्म हुई, लेकिन परिवार को उसकी सुरक्षित वापसी की जगह शव मिला। मंगलवार 29 सितंबर को ग्राम सौंगा-परखंदा क्षेत्र के पास महानदी किनारे उसका शव बरामद किया गया।
जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर की सुबह ग्राम मेघा की तराना निषाद बाढ़ का पानी देखने घर से निकली थी। मेघा गांव में पेट्रोल पंप के पास बने नाले के आसपास वह तेज बहाव की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि पैर फिसलने के बाद वह पानी में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने आसपास के नाले तथा महानदी क्षेत्र में तलाश अभियान शुरू किया था। नाली के चेंबर खोलकर और महानदी के मुहाने तक तलाश की गई, लेकिन रेस्क्यू टीम को कोई सफलता नहीं मिल सकी।
लगातार तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलने के बावजूद छात्रा का पता नहीं चल सका। मंगलवार को महानदी का जलस्तर कुछ कम होने के बाद ग्राम सौंगा के पास ग्रामीणों ने पानी में शव देखा, जिसके बाद मगरलोड पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने शव की पहचान तराना निषाद के रूप में की।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

तीन दिनों से बेटी के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार को जब उसके शव मिलने की खबर मिली तो मातम छा गया। गांव में भी शोक का माहौल है।
इस तरह की घटना के बाद तेज बहाव वाले नालों और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि बारिश और बाढ़ के दौरान नदी, नाले तथा तेज बहाव वाले स्थानों के करीब न जाएं और बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रखें।
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