बाढ़ में घर उजड़े, अब राहत राशि के लिए इंतजार! 15 दिन बाद भी पीड़ितों के खाते खाली, त्योहार सिर पर

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा में महानदी की बाढ़ ने सैकड़ों परिवारों की गृहस्थी उजाड़ दी, लेकिन पानी उतरने के करीब 15 दिन बाद भी कई प्रभावित परिवार आर्थिक सहायता की राह देख रहे हैं। घरों में घुसे पानी से राशन, जरूरी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं बर्बाद हो गईं। अब नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार सामने हैं, लेकिन राहत राशि कब मिलेगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

घोषणा हुई, फिर भी सहायता का इंतजार

25-26 सितंबर को आई भीषण बाढ़ के बाद राजस्व विभाग ने प्रभावित परिवारों से बैंक खातों की जानकारी जुटाई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को 10 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई थी, जबकि स्थानीय स्तर पर 5 हजार रुपये की सहायता राशि भी चर्चा में रही। जब बैंक खातों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, तो सहायता राशि जारी करने में देरी क्यों हो रही है? शासन-प्रशासन को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

घरों में तबाही, दोबारा जिंदगी संवारने की चुनौती

नवापारा के सोमवारी बाजार, इंदिरा मार्केट, तिरंगा चौक, देवार पारा और बगदेही पारा सहित कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया था। इससे राशन, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं को नुकसान पहुंचा। अब प्रभावित परिवारों के सामने घरों की सफाई, मरम्मत और जरूरी सामान की व्यवस्था करने की चुनौती है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए यह दोहरी मार साबित हो रही है।

कुछ को चेक मिले, बाकी अब भी इंतजार में

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने कुछ प्रभावित परिवारों को 5-5 हजार रुपये के चेक दिए थे। वहीं, सेवा संकल्प अभियान के दौरान अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू द्वारा भी शासन की ओर से कुछ परिवारों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। लेकिन शेष प्रभावितों को अब भी भुगतान का इंतजार है। प्रशासन को बताना चाहिए कि कितने परिवारों को सहायता मिल चुकी है और कितने पात्र परिवार बाकी हैं।

टिकेंद्र ठाकुर ने की तत्काल सहायता की मांग

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के प्रदेश अध्यक्ष टिकेंद्र सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप तत्काल आर्थिक सहायता जारी करने और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राहत वितरण में कोई भी पात्र परिवार छूटना नहीं चाहिए।

त्योहारों से पहले राहत राशि मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शासन-प्रशासन समय रहते मदद पहुंचाएगा, या पीड़ितों को अपनी बर्बाद गृहस्थी के साथ त्योहार भी आर्थिक संकट में गुजारने पड़ेंगे?

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl

यह खबर भी जरुर पढ़े

पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू का सरकार पर हमला: बाढ़ राहत में भेदभाव का आरोप, बोले- 1000 परिवार प्रभावित लेकिन बांटे सिर्फ 11 चेक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल