छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज ने मनाया भगवान परशुराम जन्मोत्सव
(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) फिंगेश्वर :- नगर सहित आज पूरे क्षेत्र में भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान ब्राम्हण समाज सहित सर्व समाज के लोग भगवान परशुराम जी की छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उनकी पूजा अर्चना किया गया।
फिंगेश्वर नगर छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज के भवन में भी बड़ी संख्या में ब्राम्हण समाज के महिला, पुरूष व बच्चे भगवान सत्यनारायण जी की कथा हवन पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान परशुराम जी को महाप्रसादी का भोग लगाया गया व वितरण किया गया। भगवान परशुरामजी का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्यादि अनेक ग्रन्थों में किया गया है। वे अहंकारी और धृष्ट हैहय वंशी क्षत्रियों का पृथ्वी से २१ बार संहार करने के लिए प्रसिद्ध हैं। वे धरती पर वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना चाहते थे। कहा जाता है कि भारत के अधिकांश ग्राम भी उन्हीं के द्वारा बसाये गये।
छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज के वरिष्ठ सदस्य व अंचल के भागवताचार्य पंडित प्रमोद चतुर्वेदी ने भगवान परशुरामजी के जन्मोत्सव को लेकर बताया कि भगवान परशुराम का जन्म त्रेतायुग के शुरू और सतयुग के अंत काल में हुआ था, जो की भगवान विष्णु के छटवे अवतार माने जाते है। इनके पिता का नाम ऋषि जमदग्नि और माता का नाम रेणुका था।
पौराणिक कथाओ के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म इनके पिता द्वारा किये गये पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न होकर देवराज इंद्र ने प्रसन्न होकर वरदान दिया था, जो की इनकी माता रेणुका से इनका जन्म बैसाख महीने के शुक्ल तृतीया तिथि को हुआ था। जमदग्नि के पुत्र होने के कारण इनका नाम जामदग्न्य और शिव जी से मिले परशु अस्त्र के कारण इनका नाम परशुराम पड़ा था, बाल्यकाल में ही भगवान परशुराम ने अपने माता पिता से अस्त्र-शस्त्र की विद्या सीख ली थी, और उनमे जन्म से दैवीय गुण के विलक्षण प्रतिभा दिखने लग गया था, परशुराम का जन्म भले ही ब्राह्मण कुल में हुआ था लेकिन वे जन्म से ही क्षत्रिय गुणों वाले थे।
उक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष महेश धर दीवान, रमेश दुबे, शरद चतुर्वेदी, नगर पंचायत फिंगेश्वर सीएमओ प्रदीप मिश्रा, सुशील शर्मा, नवनीत चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम चतुर्वेदी, संतोष चतुर्वेदी, पंडित भूपेंद्र दीवान, अनिल तिवारी, कृष्ण कुमार तिवारी, दादू महाराज, धीरज चतुर्वेदी, मनीष शर्मा, अक्षत तिवारी, प्रफुल्ल दीवान, प्रीति चतुर्वेदी, सीमा चतुर्वेदी, अनिता शर्मा, छोटी शर्मा सहित बड़ी संख्या में ब्राम्हण समाज के लोग उपस्थित रहे।