126 एकड़ सरकारी भूमि हुआ अतिक्रमण मुक्त: शासकीय भूमि अब जनहित के लिए आरक्षित

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गोबरा नवापारा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनेसिली ने शासकीय भूमि संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक अनुकरणीय पहल करते हुए लगभग 126 एकड़ शासकीय भूमि को बेजा कब्जे से मुक्त कर शासकीय प्रयोजनों के लिए आरक्षित कर दिया है। पंचायत और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से वर्षों से अतिक्रमण एवं विवादों में रही इस भूमि को अब पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, खेल सुविधाओं और जनहित के विकास कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार 40 एकड़ भूमि वन विभाग को वृक्षारोपण के लिए सौंपी गई है। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।
14 एकड़ में बनेगा तालाब
भूजल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 14 एकड़ भूमि पर तालाब निर्माण की योजना बनाई गई है। इससे किसानों और ग्रामीणों को सिंचाई एवं जल उपलब्धता में लाभ मिलेगा, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
युवाओं को मिलेगा खेल मैदान
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 एकड़ भूमि खेल मैदान के लिए आरक्षित की गई है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अभ्यास और विभिन्न खेल आयोजनों के लिए पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।
चारागाह के लिए भी आरक्षित भूमि
पंचायत ने भक्त माता कर्मा समिति के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 3 एकड़ भूमि पर भवन निर्माण का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया है। वहीं शेष भूमि को शासकीय चारागाह के रूप में सुरक्षित रखा गया है, जिससे पशुपालकों को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
सीपीटी नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ
ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर जी राम जी योजना के अंतर्गत शासकीय भूमि पर सीपीटी (कंटूर ट्रेंच) नाली निर्माण कार्य का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सरपंच अजय कुमार साहू, उपसरपंच ताराचंद साहू, पंचायत प्रतिनिधियों, वरिष्ठ ग्रामीणों एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।
ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल को केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। पंचायत का मानना है कि इस योजना से गांव में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, खेल सुविधाओं और सार्वजनिक संसाधनों के विकास को नई गति मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सकेगी।
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