रपटा निर्माण में देरी पर जनप्रतिनिधि हुए एकजुट, विभाग ने पहल नहीं की तो जनसहयोग से वैकल्पिक मार्ग बनाने की तैयारी
हफ्तों बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य, आवागमन बाधित रहने से ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज )किशन सिन्हा
छुरा। विकासखंड के कोसुमबुड़ा-नयापारा-कोसमी -बम्हनी मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त रपटा के निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी खुलकर सामने आने लगे हैं। मानसून की पहली तेज बारिश में रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो स्थायी निर्माण कार्य प्रारंभ हो सका है और न ही आम लोगों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जा सकी है। इसके चलते प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत सारागांव में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षतिग्रस्त रपटा के कारण आम नागरिकों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह मार्ग केवल कुछ गांवों का संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि छुरा से नयापारा, कोसमी, बम्हनी, नावाडीह होते हुए ओडिशा की ओर जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण सड़क है। इसके बंद होने से विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, मरीजों, शासकीय कर्मचारियों और दैनिक आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जहां पहले कुछ मिनटों में सफर पूरा हो जाता था, वहीं अब लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर घंटों का समय लग रहा है।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि विभाग द्वारा राहत कार्य के नाम पर पहले सीमेंट की खाली बोरियों में रेत भरकर अस्थायी व्यवस्था की गई थी, लेकिन वह भी अगली बारिश में बह गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य में अपेक्षित गति दिखाई नहीं दी। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो आज क्षेत्र की जनता को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण वैकल्पिक सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में वैकल्पिक मार्ग पर सड़क दुर्घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि मुख्य मार्ग समय पर बहाल हो जाता तो ऐसी घटनाओं की संभावना भी कम हो सकती थी। इसलिए अब और विलंब जनहित के लिए उचित नहीं है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि लोक निर्माण विभाग शीघ्र वैकल्पिक रपटा अथवा आवागमन की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराता है, तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आपसी सहयोग और जनभागीदारी से अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार कराने की दिशा में पहल करेंगे, ताकि बरसात के दौरान लोगों को राहत मिल सके। साथ ही प्रशासन से भी निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तत्काल प्रारंभ कराने की मांग की गई।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य लेखराज ध्रुवा, जनपद पंचायत अध्यक्ष मीरा ठाकुर, जनपद सदस्य नारायण सिन्हा सहित ग्राम पंचायत पिपराही, सारागांव, कोसमी, नवापारा, दुल्ला, टोनहीडबरी और चूरकीदादर के सरपंच उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सड़क और रपटा केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की दैनिक जरूरत है। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो जनहित में सामूहिक स्तर पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।











