गुरुजनों का सम्मान और हरियाली का संदेश, नवापारा सशिमं के पुरातन छात्रों ने शिक्षक दिवस को बनाया खास
पौधरोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जिस विधालय में कभी पढ़ाई के साथ संस्कार और जीवन की सीख मिली, शिक्षक दिवस पर उसी विद्यालय में पुरातन छात्रों ने लौटकर अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता जताई। सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा में आयोजित समारोह में पुराने शिष्यों ने शिक्षकों का आत्मीय सम्मान कर गुरु-शिष्य परंपरा की खूबसूरत मिसाल पेश की।
वहीं सम्मान समारोह के साथ विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस दौरान वर्षों पुरानी यादें भी ताजा हुईं और विद्यालय का पूरा परिसर गुरु सम्मान की भावनाओं से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत तत्कालीन कक्षाचार्य नरेश यादव ने अपने परिचित अंदाज में उपस्थित सभी पुरातन छात्रों का परिचय कराते हुए की। इसके बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुमित गंडेचा ने पुरातन छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यालय के उद्देश्यों और समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
आचार्यों का किया सम्मान

इसके पश्चात विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। गत छात्र सम्मेलन में किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके गुरुजनों का इस अवसर पर भावभीना अभिनंदन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य गौरीशंकर निर्मलकर एवं वरिष्ठ आचार्य दीपक देवांगन का तिलक लगाकर, पुष्पहार पहनाकर तथा स्मृति चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान गुरु-शिष्य के आत्मीय संबंधों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सह-सचिव कोमल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बीते 30 अगस्त को आयोजित शिक्षक सम्मान एवं छात्र सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि पुरातन छात्रों द्वारा अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और विद्यालय से जुड़े रहने का यह प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने विद्यालय परिवार एवं प्रबंधन समिति की ओर से सभी पुरातन छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालय प्रांगण में किया पौधारोपण
कार्यक्रम के अगले चरण में विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण किया गया। पुरातन छात्रों एवं विद्यालय परिवार ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्धन का संकल्प लिया। इस दौरान गुरु सम्मान के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

इस गरिमामय आयोजन में आचार्य नरेंद्र साहू, रामकृष्ण वर्मा, वाल्मीकि धीवर, सरोज कंसारी, नंद कुमार साहू, रेणु निर्मलकर, तामेश्वर साहू, संजय सोनी, कृष्ण कुमार वर्मा, हुलेश्वरी साहू, मंजू, ममता, देवकी, प्रीति साहू, प्रतिभा यादव, लोमेश कुमार साहू, मानसी साहू एवं विभीषण साहू सहित विद्यालय के समस्त आचार्य, दीदीजी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
वहीं पुरातन छात्रों में आकाश गंगवाल, प्रितेश पारख, पीयूष कोचर एवं डिगेश्वर साहू की विशेष रूप से सक्रिय एवं सराहनीय उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम में गुरुजनों के प्रति सम्मान, पुरानी यादों और विद्यालय से जुड़े आत्मीय रिश्तों का भाव देखने को मिला।
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