आकाशीय बिजली का कहर: दो बच्चों समेत तीन की मौत, मानसून की धीमी रफ्तार, किसान चिंतित, मौसम विशेषज्ञों ने कहा …

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, वहीं गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही अगले एक सप्ताह तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
इसी बीच सरगुजा जिले के डुमकी गांव में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। आम बीनने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े चार लोगों पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में सागर (5 वर्ष), रानी (9 वर्ष) और राम साय (36 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सागर की 12 वर्षीय बड़ी बहन श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
प्रदेश की राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर में सोमवार शाम तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।
मानसून अब भी सुस्त, किसानों की बढ़ी चिंता
एक ओर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में मानसून अब भी अपनी सामान्य गति नहीं पकड़ पाया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है और इसके पूरी तरह सक्रिय होने में अभी करीब 1से 2 दिन लग सकते हैं।
मानसून की देरी का सबसे अधिक असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। प्रदेश के अधिकांश किसान धान की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में खेत तैयार होने के बावजूद पानी की कमी के कारण बुवाई शुरू नहीं हो सकी है, जबकि जिन इलाकों में बोनी हुई है, वहां भी पर्याप्त वर्षा नहीं होने से फसल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन प्रभावित हो सकता है। किसानों को उम्मीद है कि जुलाई के पहले पखवाड़े तक मानसून सक्रिय होगा और खेती का कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
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