जीवनदायिनी महानदी अपनी दुर्दशा पर बहा रही आंसू: सुशासन तिहार में गूंजी महानदी की सफाई की मांग

पूर्व पालिकाध्यक्ष धनराज मध्यानी और सौरभ शर्मा ने सौंपा ज्ञापन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा और राजिम क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली महानदी आज अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। नदी का विशाल पाट जल के बजाय घास-फूस, जलीय खरपतवार, मुरुम और मिट्टी से पट चुका है। कई स्थानों पर जल प्रवाह अवरुद्ध हो गया है और नदी का प्राकृतिक स्वरूप तेजी से नष्ट होता दिखाई दे रहा है। बरसात से ठीक पहले सामने आई यह स्थिति पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

सुशासन तिहार के अंतर्गत पीएम श्री हरिहर हाई स्कूल मैदान में आयोजित समाधान शिविर में जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज मध्यानी तथा कांग्रेस महामंत्री सौरभ शर्मा ने नगरवासियों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपकर महानदी की तत्काल सफाई और संरक्षण की मांग उठाई।

महानदी का अस्तित्व संकट में

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ज्ञापन में कहा गया कि महानदी में वर्षों से जमा हो रही मुरुम, मिट्टी और जलीय खरपतवार के कारण जलधारा सिमटती जा रही है। नदी के कई हिस्सों में पानी का ठहराव होने से गंदगी फैल रही है और जल निस्तारी योग्य भी नहीं रह गया है। यदि समय रहते सफाई और गहरीकरण नहीं कराया गया तो आने वाले वर्षों में जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन गंभीर रूप धारण कर सकता है।

नगरवासियों का कहना है कि जिस महानदी के जल से कभी हजारों लोगों की प्यास बुझती थी और कृषि कार्य संचालित होते थे, वही नदी आज उपेक्षा का शिकार होकर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। नदी की वर्तमान स्थिति देखकर लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश है।

अवैध रेत परिवहन से बढ़ रहा खतरा

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ज्ञापन में अवैध रेत परिवहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नागरिकों ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद दूसरे जिलों से भारी रेत वाहन दिन-रात नगर क्षेत्र से गुजर रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है तथा कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन से ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।

व्यवस्थित बाजार और मुक्तिधाम निर्माण की मांग

पीएम श्री हरिहर हाई स्कूल मैदान के आसपास अतिक्रमण कर संचालित अस्थायी दुकानों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। मांग की गई कि छोटे एवं बड़े व्यापारियों के लिए सुव्यवस्थित स्थायी दुकानों का निर्माण कराया जाए, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिले और नगर पालिका के राजस्व में भी वृद्धि हो। इसके साथ ही बढ़ती आबादी को देखते हुए पूर्व में स्वीकृत दो मुक्तिधामों के निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराने की मांग भी रखी गई, ताकि भविष्य में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग

गली-मोहल्लों में खुलेआम हो रही अवैध शराब बिक्री को सामाजिक बुराई बताते हुए नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।

मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा शहर

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गोबरा-नवापारा-राजिम क्षेत्र आज भी अनेक मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। महानदी की दुर्दशा, अवैध रेत परिवहन, अतिक्रमण, अधूरे मुक्तिधाम और अवैध शराब बिक्री जैसे मुद्दों पर शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

पूर्व पालिकाध्यक्ष धनराज मध्यानी ने कहा कि महानदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। यदि आज इसके संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। वहीं सौरभ शर्मा ने कहा कि नगर हित से जुड़े इन मुद्दों पर शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

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