कलेक्टर बी.एस. उइके ने ली राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक: लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश

कलेक्टर ने देवभोग एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके ने जिला कार्यालय के कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों, आगामी सुशासन तिहार की तैयारियों, जनगणना 2027 की प्रगति, भूमि प्रबंधन और डिजिटल सिस्टम अद्यतन पर व्यापक चर्चा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की सभी प्रमुख योजनाओं और राजस्व सेवाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, त्वरितता और गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण करें। कलेक्टर श्री उइके ने देवभोग के एसडीएम को राजस्व बैठक में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री उइके ने 01 मई 2026 से प्रारंभ होने वाले सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा से हुई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुशासन तिहार के दौरान सभी सेवाओं का त्वरित निपटान, जन-सुनवाई, नागरिक सुविधा सुधार और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन की जवाबदेही और लोगों तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। जिले में जनगणना 2027 का कार्य किया जा रहा है। यह अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है और इसमें स्पष्ट रूप से जानकारी भरी जाएं।

अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई

कलेक्टर ने राजस्व विभाग से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सम्पूर्ण राजस्व प्रकरणों, त्रुटि सुधार, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन और विवादित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति के सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। भू-अर्जन मामलों में कलेक्टर ने अनुविभागवार जानकारी लेते हुए कहा कि जहां भी विलंब हो रहा है, उसे समाधान करें। अतिक्रमण, बेदखली, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी निर्माण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाए।

लोक सेवा केंद्रों में लंबित आवेदनों की स्थिति, राजस्व वसूली प्रगति, स्वामित्व योजना, समय-सीमा पत्रों की समीक्षा, आधार प्रविष्टि, राजस्व अभिलेखों की त्रुटि सुधार, भू-नक्शा अद्यतन, जियोरेफरेंसिंग, मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण जैसे तकनीकी विषयों पर भी विभागवार प्रस्तुति ली गई। उन्होंने पटवारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन की प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए इसे और शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में देरी किसी भी परिस्थिति में नहीं होनी चाहिए। शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।

अधिक से अधिक फील्ड विज़िट करें

बैठक में वन अधिकार पत्र के भुइया पोर्टल में अद्यतन की स्थिति, आवेदन एवं जांच प्रक्रिया, हाईकोर्ट एवं सिविल कोर्ट के लंबित प्रकरण, अवैध खनन पर कार्रवाई, अभिलेख कोष्ठ में दस्तावेज जमा की स्थिति, स्वेच्छानुदान एवं सड़क दुर्घटना मद में भुगतान की प्रगति और के निराकरण की जानकारी ली।

कलेक्टर श्री उइके नें सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक फील्ड विज़िट करें, प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा विभाग है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली में सुधार और सेवा की गुणवत्ता सही तरीके से होना आवश्यक है। इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।

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