सोनपैरी में मनाया कबीर जयंती महोत्सव: कर्नाटक के राज्यपाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉ. रमन सिंह हुए शामिल
संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : राज्यपाल गहलोत

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– संत कबीर जयंती महोत्सव के अवसर पर सोनपैरी स्थित कबीर आश्रम आस्था, आध्यात्म और सामाजिक समरसता का विराट केंद्र बन गया। कबीर पंथ के राष्ट्रसंत असंगदेव साहेब के सान्निध्य में आयोजित भव्य समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरे विशाल पंडाल में राष्ट्रसंत असंगदेव के प्रेरक प्रवचन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, पूर्व सांसद एवं राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, प्रदेश भाजपा कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, गरियाबंद जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष डॉ. श्वेता शर्मा, नवापारा नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आश्रम प्रभारी देवकर साहेब ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
पौधरोपण से हुआ शुभारंभ, संत असंगदेव का हुआ सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधरोपण से हुई। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने टीशू, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारियल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं राष्ट्रसंत असंगदेव ने आम तथा केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने पारिजात का पौधा रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद मंच पर सभी अतिथियों ने राष्ट्रसंत असंगदेव का पुष्पहार अर्पित कर सम्मान किया।
प्रेम सबसे बड़ी शक्ति, सेवा सबसे बड़ा धर्म
अपने ओजस्वी प्रवचन में राष्ट्रसंत असंगदेव ने कहा कि प्रेम ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। जो व्यक्ति प्रेम करना सीख लेता है, उसके जीवन में सुख, शांति और संतोष स्वतः आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, संस्कार और सेवा की भावना विकसित किए बिना स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि माता-पिता को केवल अभिभावक नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा मित्र और मार्गदर्शक मानें। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आदर्श जीवन वही है, जिसमें माता-पिता की आज्ञा, परिवार के संस्कार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का सम्मान हो।
कर्म ही भाग्य बनाते हैं
राष्ट्रसंत ने कहा कि संसार में कर्म ही सर्वाेपरि हैं। मनुष्य अपने कर्मों का फल स्वयं प्राप्त करता है। जो व्यक्ति मर्यादा, संयम और सदाचार का पालन करता है, सफलता उसी के कदम चूमती है। उन्होंने कहा कि परिवार में बड़ों का सम्मान भारतीय संस्कृति की आत्मा है और बेटियों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे जीवनभर अपने माता-पिता की प्रतिष्ठा और सम्मान को सर्वाेच्च स्थान दें।
जात-पात और भेदभाव छोड़ समरस समाज बनाएं
संत असंगदेव ने कहा कि संत कबीर का संपूर्ण जीवन अंधविश्वास, छुआछूत, जात-पात और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक रहा है। समाज में प्रेम, समानता और भाईचारे की भावना विकसित किए बिना वास्तविक शांति स्थापित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सेवा करने वाला व्यक्ति कभी गरीब नहीं होता, बल्कि वह आत्मिक रूप से सबसे अधिक समृद्ध होता है।
उन्होंने कहा कि आश्रम हो या समाज, यदि झाड़ू लगाने का अवसर भी मिले तो उसे सौभाग्य समझना चाहिए। कोई भी सेवा छोटी या बड़ी नहीं होती। निस्वार्थ सेवा ही सच्ची साधना है।
राष्ट्रभक्ति को सर्वाेच्च स्थान देने का आह्वान
राष्ट्रसंत ने श्रद्धालुओं से राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक एकता, राष्ट्रीय चेतना और मानवता की भावना ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने संत कबीर के अनेक दोहों का भावार्थ सुनाते हुए भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, महावीर स्वामी और भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, प्रेम, सेवा और सदाचार का संदेश दिया। उनके प्रत्येक संदेश पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता रहा।
सोनपैरी आश्रम सेवा और समता का केंद्र – राज्यपाल
मुख्य अतिथि कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने पूरी मानवता को समरसता, प्रेम और समानता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में स्थापित सोनपैरी कबीर आश्रम आज सेवा, समता, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। राष्ट्रसंत असंगदेव देशभर में सद्भाव और सामाजिक समरसता का वातावरण तैयार कर रहे हैं, जो अत्यंत प्रशंसनीय है।
मोदी की गारंटी को पूरा कर रही सरकार – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत कबीर का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ पर सदैव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 10 लाख आवास पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 59 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत 757 करोड़ रुपये की राहत देने की घोषणा भी उन्होंने की। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, विकास और सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
आज भी प्रासंगिक हैं संत कबीर के विचार – डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर ने सदियों पहले सामाजिक सुधार का जो अभियान शुरू किया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा का अवसर जनता के विश्वास और आशीर्वाद से ही मिलता है।
कार्यक्रम का संचालन आश्रम प्रभारी देवकर साहेब ने किया। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री राजेश साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम नारंग, सुरेंद्र पाटनी, सोनपैरी की सरपंच अन्नपूर्णा साहू सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, कबीर पंथ के अनुयायी, जनप्रतिनिधि एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गिरीश बिस्सा ने लिया असंग महाराज जी का आशीर्वाद
कार्यक्रम में राजिम कुंभ के पूर्व प्रभारी अधिकारी एवं सेवानिवृत्त अधिकारी गिरीश बिस्सा ने सहभागिता की। इस दौरान संत श्री असंग देव जी महाराज ने गिरीश बिस्सा का स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।
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