पंचायतों की खाली तिजोरी लेकर सड़क पर उतरे सरपंच! हाथों में कटोरा लेकर निकाली रैली, 30 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर गरियाबंद में जोरदार प्रदर्शन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :-गांवों के विकास की जिम्मेदारी संभालने वाली ग्राम पंचायतें अब खुद आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। मनरेगा, मूलभूत और वित्त आयोग की राशि लंबे समय से नहीं मिलने से नाराज गरियाबंद में जिलेभर के सरपंच, उपसरपंच और पंच सोमवार को सड़क पर उतर आए। जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने हाथों में कटोरा लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। रैली निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग उठाई।
हाथों में कटोरा लेकर निकाली रैली
जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में जिलेभर से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने हाथों में कटोरा और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर सिविल लाइन होते हुए बस स्टैंड पहुंची। यहां से प्रदर्शनकारी तिरंगा चौक पहुंचे, जहां जमकर नारेबाजी की गई।
इस दौरान बड़ी संख्या में सरपंच, उपसरपंच और पंच हाथों में कटोरा लेकर तिरंगा चौक पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से पंचायतों की आर्थिक बदहाली को सामने रखते हुए कहा कि गांवों में विकास कार्य कराने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से पंचायत प्रतिनिधियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
8 महीने से अटके करीब 30 करोड़ रुपए
जिला सरपंच संघ के अनुसार, जिले की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की मजदूरी और सामग्री का लगभग 30 करोड़ रुपये भुगतान करीब 8 महीने से लंबित है। वहीं मूल्यांकन और सत्यापन पूरा होने के बाद भी कई निर्माण कार्यों की राशि 5 से 6 महीने से अटकी हुई है।
इसके अलावा मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि जारी नहीं होने से पंचायतों में नए विकास कार्य शुरू करना मुश्किल हो गया है। उपसरपंचों और पंचों का मानदेय भी लंबित बताया गया है। संघ का कहना है कि भुगतान में देरी का सीधा असर मजदूरों और पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
दीपावली से पहले भुगतान की मांग
जिला सरपंच संघ ने शासन-प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखते हुए मनरेगा की लंबित मजदूरी और सामग्री की राशि तत्काल जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही मूलभूत एवं 16वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने, पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का भुगतान करने, उपसरपंचों और पंचों का बकाया मानदेय जारी करने तथा लंबित फाइलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी शामिल की गई है।
जिलाध्यक्ष बोले- पंचायतों की बदहाली दूर करे सरकार
जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की नींव हैं, लेकिन समय पर राशि नहीं मिलने से पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। सरपंचों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और मजदूरों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरपंचों का व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि मजदूरों की मेहनत और गांवों के विकास से जुड़ा गंभीर सवाल है। शासन को लंबित भुगतान तत्काल जारी करना चाहिए।
मांगें नहीं मानी तो घेराव और चक्काजाम
संघ ने चेतावनी दी है कि दीपावली से पहले लंबित भुगतान और अन्य मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से घेराव और चक्काजाम जैसे कदम उठाए जाएंगे। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
प्रदर्शन में ये जनप्रतिनिधि रहे शामिल
प्रदर्शन में जिला सरपंच संघ अध्यक्ष हरीश साहू, संरक्षक पन्नालाल ध्रुव, कार्यकारी अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, कोषाध्यक्ष हलमन ध्रुवा, सचिव पवन सिंह यादव सहित जिला उपाध्यक्ष पद्मा मोती निषाद (फिंगेश्वर), घनश्याम मरकाम (मैनपुर), चम्पेश्वर ध्रुव (छुरा), नरेंद्र ध्रुव (गरियाबंद) और रोशनी प्रधान (देवभोग) सहित जिलेभर से पहुंचे सरपंच, उपसरपंच और पंच बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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