11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के शुभ अवसर पर आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग, गरियाबंद में सौंपा गया ज्ञापन
विश्व आयुर्वेद परिषद के बैनर तले जिला गरियाबंद में सौंपा गया ज्ञापन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :-11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के शुभ अवसर पर विश्व आयुर्वेद परिषद के बैनर तले छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ, जिला गरियाबंद के नेतृत्व में आयुर्वेद को भारत की मूल एवं राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आयुर्वेद को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में उचित एवं सम्मानजनक स्थान प्रदान करने तथा इसके संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक विस्तार के लिए आवश्यक पहल किए जाने की मांग रखी गई।
इस अवसर पर जिला संयोजक डॉ. ऐश्वर्य कुमार साहू ने कहा कि आयुर्वेद भारत की हजारों वर्षों पुरानी चिकित्सा परंपरा और गौरवशाली ज्ञान-विरासत है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुर्वेद के सम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल का संकल्प लेना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में डॉ. राजकुमार कनौजे, डॉ. मिथलेश ठाकुर, डॉ. काजल, डॉ. स्वाति, डॉ. निधि एवं डॉ. शिखा उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सकों ने आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ भारत की चिकित्सा व्यवस्था में आयुर्वेद की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
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