25 साल बाद फिर सजी दोस्ती की महफिल, मित्रोत्सव-2026 में बचपन की यादों संग गूंजे ठहाके
सरस्वती शिशु मंदिर नवापारा के वर्ष 2000 बैच के छात्र-छात्राओं का भव्य पुनर्मिलन, फनी अवॉर्ड्स और यादगार पलों ने बनाया कार्यक्रम को खास

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– समय भले ही बीत जाए, लेकिन स्कूल की दोस्ती और बचपन की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब सरस्वती शिशु मंदिर, नवापारा से वर्ष 2000 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं का भव्य पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक मिलन को सभी ने मिलकर “मित्रोत्सव-2026” नाम दिया, जो दोस्ती, अपनत्व और यादों का अनूठा उत्सव बन गया।
लगभग 25 वर्षों बाद एक-दूसरे से मिल रहे सहपाठियों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था। स्कूल से निकलने के बाद कोई उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहर चला गया, तो कोई नौकरी, व्यवसाय और पारिवारिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हो गया। छात्राओं की शादी के बाद वे भी देश के विभिन्न नगरों में बस गईं। समय के साथ संपर्क कम होता गया, लेकिन दिलों में दोस्ती का रिश्ता हमेशा जीवित रहा।
सोशल मीडिया ने निभाई सेतु की भूमिका
कुछ साथियों ने वर्षों बाद अपने पुराने मित्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से तलाशना शुरू किया। धीरे-धीरे एक-एक कर सभी मित्र जुड़ते गए और फिर एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पुनर्मिलन की योजना बनी। लंबे प्रयासों के बाद आखिरकार 31 मई 2026 का वह यादगार दिन आया, जब सभी दोस्तों ने रायपुर में एक मंच पर एकत्र होकर अपनी पुरानी यादों को फिर से जीया।
पुष्प वर्षा और ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

कार्यक्रम की शुरूवात सरस्वती वंदना से की गई। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले सभी मित्रों का पुष्प वर्षा, तिलक एवं ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही वर्षों बाद मित्र एक-दूसरे के सामने आए, मानो समय थम सा गया। किसी ने अपने बचपन के दोस्त को गले लगाया तो किसी की आंखें खुशी से नम हो गईं।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश, तेलंगाना छत्तीसगढ़ के कई शहरों में रहने वाली कई छात्राएं भी विशेष रूप से शामिल होने पहुंचीं। दूरियों और व्यस्तताओं को पीछे छोड़कर सभी ने इस मिलन को यादगार बना दिया।
यादों के सफर में लौटे सभी सहपाठी

कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्कूल जीवन की अनगिनत यादों को साझा किया। कभी क्लासरूम की शरारतें, कभी शिक्षकों की डांट, तो कभी खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की यादें सुनाकर सभी ठहाके लगाते रहे। सभी साथियों ने अपने जीवन संघर्षों और उपलब्धियों को भी साझा किया, जिससे कार्यक्रम भावनात्मक रंग में भी रंग गया।
फनी अवॉर्ड्स ने लूट ली महफिल

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और मनोरंजक हिस्सा रहा “फनी अवॉर्ड समारोह”। सोशल मीडिया ग्रुप में साथियों की सक्रियता, आदतों और व्यवहार को आधार बनाकर कई मजेदार पुरस्कार दिए गए। जैसे- साइलेंट रीडर अवॉर्ड, लेटलतीफ लीजेंड अवॉर्ड, हंसमुख अवॉर्ड, सबसे ज्ञानी अवॉर्ड, टांग खिचू अवॉर्ड सहित और भी कई अवॉर्ड से सभी को नवाजा गया। अवॉर्ड्स के नाम सुन-सुन कर पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। इन अवॉर्ड्स ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और सभी ने खूब मजे लिए।
स्वादिष्ट भोजन और मनोरंजन का दौर
सभी मित्रों ने मिलकर स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की थी। भोजन मंत्र के बाद साथ बैठकर भोजन करने के दौरान भी पुराने दिनों की बातें और हंसी-मजाक का सिलसिला चलता रहा। देर शाम तक गीत-संगीत, मनोरंजन, हंसी-ठिठोली और फोटो सेशन का दौर चलता रहा।
स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मान

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी सहभागी मित्रों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से दोस्ती के इस रिश्ते को और मजबूत बनाया जाएगा। मित्रोत्सव-2026 केवल एक पुनर्मिलन नहीं था, बल्कि उन अनमोल रिश्तों का उत्सव था, जिन्होंने 26 वर्षों बाद भी अपनी गर्माहट और आत्मीयता को बरकरार रखा है।
इस मौके पर मौसम जैन, निधि गुप्ता, पुष्पांजलि तिवारी, प्रीति श्रीवास्तव, सोनिया टहलयानी, स्लेशा, रचना सोनकर, दिशा वालेचा छात्रों में आकाश त्रिपाठी, आकाश मखीजा, आकाश जैन, कुमार वर्मा, अमित दुबे, जितेंद्र सोनकर, राहुल टाटिया, विवेक सचदेव, नरेंद्र सिन्हा, शंकर राजपाल, प्रणव शर्मा, अविनाश शर्मा, श्रीकांत साहू, निलेश मतस्यपाल, लक्की जैन, सौरभ जैन, पंकज गोविंदानी सहित कई साथी पहुंचे थे।
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