गौ भागवत कथा: सरकार गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करे – पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री
गौ भागवत कथा गायों के संरक्षण और संवर्धन का अनूठा अभियान - विधायक रोहित साहू

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– कथाएं तो समाज में अनेक प्रकार की होती हैं, लेकिन गौ माता की महिमा और संरक्षण को केंद्र में रखकर आयोजित की जा रही गौ भागवत कथा एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल है। यह विचार कथा व्यास पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने श्री गोपाल गौशाला में आयोजित गौ भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आज देश में गौ माता की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। लोग घर में जगह नहीं होने का बहाना बनाकर गौ पालन से दूर हो रहे हैं, जबकि कुत्ते पालना सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक बनता जा रहा है। जो लोग गाय पालते भी हैं, वे तब तक ही उसकी सेवा करते हैं जब तक वह दूध देती है। बाद में उसे सड़कों पर आवारा छोड़ दिया जाता है। ऐसी स्थिति में गौ माता कूड़े-कचरे में भोजन खोजने और प्लास्टिक, कागज जैसी हानिकारक वस्तुएं खाने को मजबूर हो रही है।
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करे

पं. शास्त्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में भी बड़ी संख्या में गायें घायल और मृत होती हैं। उन्होंने गौ माता की दुर्दशा का मार्मिक चित्रण करते हुए केंद्र सरकार से गाय को विधिवत राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में विभिन्न स्थानों पर ज्ञापन सौंपे गए हैं तथा जुलाई माह में पुनः व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
गौ कथा संरक्षण का प्रभावी माध्यम – रोहित साहू
कार्यक्रम में उपस्थित विधायक रोहित साहू ने गौ भागवत कथा को गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज को गौ सेवा के प्रति जागरूक करने वाली प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल है। विधायक ने व्यास पीठ से राजिम की गौशाला में भी गौ कथा आयोजित करने का आग्रह किया, जिसे पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। इस घोषणा का उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
पुरुषोत्तम मास में हुआ आयोजन
गौरतलब है कि पिछले माह प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल ने गौशाला का दौरा कर गायों की दशा और दिशा सुधारने के लिए गौ कथाओं को जनजागरण का प्रभावी माध्यम बताया था। इसके बाद गौशाला प्रबंधन समिति ने पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर गौ कथा आयोजित करने का निर्णय लिया। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ओम कुमारी संजय साहू एवं उनके परिवार ने कथा के मुख्य यजमान के रूप में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान जी एवं गौ माता के पूजन से हुई। इसके पश्चात पं. हरीश महाराज ने कलश एवं पोथी पूजन संपन्न कराया। सुहागिन महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ कलश यात्रा निकालते हुए गौशाला की परिक्रमा की।
गौ सेवा के लिए आगे आएं – समिति

गौशाला समिति के प्रफुल्ल दुबे ने स्वागत भाषण देते हुए गौ कथा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। मंच संचालन करते हुए भूपेंद्र सोनी ने कहा कि नगर के लिए यह गौरव का विषय है कि ऐतिहासिक श्री गोपाल गौशाला में पहली बार गौ भागवत कथा का आयोजन हो रहा है।
कार्यक्रम में अशोक गंगवाल, रमेश पहाड़िया, डॉ. टी.एन. रमेश, सूबेदार मेजर गोवर्धन शर्मा, वासु नागवानी, श्रीकांत साहू, गोविंदा राजपाल, प्रेम साधवानी, प्रतीक शर्मा, योगिता सिन्हा, लक्ष्मी शर्मा, शारदा सारडा, अनुराधा शारदा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे। समिति के रूपेंद्र चंद्राकर एवं चंदू कंसारी ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में गौ कथा से जुड़कर गौ सेवा और संरक्षण के अभियान को सफल बनाने की अपील की।
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