रेत कारोबार के विवाद में भाजपा नेता को जिंदा जलाया, हाईवा से घेरकर रोकी गई कार, पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग; दो की मौत, तीन घायल

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– रेत कारोबार को लेकर चल रही रंजिश में भाजपा नेता को कार में जिंदा जलाकर मार डाला गया। इस हमले में एक अन्य युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और इलाके में तनाव का माहौल फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामला कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र का है।

हाईवा से घेरकर कार में लगाई आग

जानकारी के अनुसार रेत घाट और अवैध खनन को लेकर भाजपा नेता और सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह और दूसरे पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार देर रात विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने भरत सिंह की फॉर्च्यूनर कार को आगे और पीछे से हाईवा एवं अन्य भारी वाहनों से घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने कार पर पेट्रोल छिड़का और देखते ही देखते वाहन को आग के हवाले कर दिया। कार के भीतर फंसे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह आग की लपटों में घिर गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

बाहर निकले तो किया हमला

कार में सवार अन्य लोगों ने किसी तरह शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि बाहर निकलते ही हमलावरों ने उन पर फरसे, डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल विरेंद्र सिंह (28 वर्ष) को पहले अंबिकापुर और बाद में रायपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। विरेंद्र रायपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। वहीं नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार करीब 25 से 30 लोगों की भीड़ ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच मारपीट और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी रेत घाट को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

कौन थे लल्ला सिंह?

भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सोनहत-बैकुंठपुर क्षेत्र के प्रभावशाली राजनीतिक और कारोबारी व्यक्तित्व थे। वे सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके थे और क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय नेता माने जाते थे। पहले वे पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी रहे, लेकिन बाद में भाजपा से जुड़ गए। राजनीति के साथ-साथ वे ठेकेदारी, क्रशर और रेत कारोबार से भी जुड़े हुए थे। क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ और प्रभाव माना जाता था।

रेत घाट बना खूनी संघर्ष

जानकारी के अनुसार नौगई रेत घाट का ठेका लल्ला सिंह के रिश्तेदार पक्ष को मिला था। इसी को लेकर दूसरे पक्ष से लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस जांच में यह एंगल प्रमुख रूप से सामने आया है कि रेत कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई ने इस भयावह वारदात को जन्म दिया।

चार गिरफ्तार, तीन आरोपी फरार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मनोज त्रिपाठी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

आईजी पहुंचे मौके पर, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात ही सोनहत पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा- दोषी नहीं बचेंगे

घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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