गरियाबंद में गूंजा वंदे मातरम् का जयघोष, 150वें वर्ष पर एक साथ गूंजे राष्ट्रभक्ति के स्वर
एक तिथि, एक समय और एक स्वर में हुआ संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गान

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गरियाबंद में राष्ट्रभाव और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत सुबह 11 बजे निर्धारित समय पर विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों और उपस्थित नागरिकों ने एक साथ संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।
देशभर में 25 सितंबर को सुबह 11 बजे ‘एक तिथि, एक समय, एक लय और एक स्वर’ की भावना के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और नई पीढ़ी में राष्ट्रभाव, मातृभूमि के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को मजबूत करना है।
गरियाबंद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अनिल चंद्राकर, अध्यक्ष भूतेश्वरनाथ बाल संस्कार समिति लोकनाथ साहू, मुख्य वक्ता तारकेश्वरी साहू (तनु) तथा संयोजक सत्यप्रकाश मानिकपुरी रहे। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रिखी यादव, उपाध्यक्ष आसिफ मेमन, पार्षद बिंदु सिन्हा तथा विद्यालय के प्राचार्य चैन सिंह बघेल सहित विद्यालय परिवार, आचार्य, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
भारत की राष्ट्रीय चेतना

कार्यक्रम में आचार्य नेमसिंह सिन्हा, प्रदीप चंद्राकर, रामनारायण साहू, देवराज, रूपा साहू, मनीषा गुप्ता और सरोजनी साहू सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
अनिल चंद्राकर ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और देश के प्रति समर्पण की भावना से जुड़ा राष्ट्रीय भाव है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने का अवसर मिलता है। एक साथ सामूहिक गायन का यह आयोजन समाज में एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने वाला है।
चैन सिंह बघेल ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन उनके भीतर देश, समाज और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को देश के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों, आचार्यों और अभिभावकों ने निर्धारित समय पर एक साथ वंदे मातरम् का गायन किया। पूरे विद्यालय परिसर में राष्ट्रभाव और सामूहिक एकता का वातावरण नजर आया। विद्या भारती के इस आयोजन के तहत देश के विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में भी 25 सितंबर को इसी समय सामूहिक गायन किया गया।
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए केवल सामूहिक गायन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व, मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना के भाव से जोड़ने का माध्यम भी बना।
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