बरोंडा पंचायत में मनरेगा के कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण, हितग्राही एवं सार्वजनिक कार्यों का हो रहा निरीक्षण

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा
गरियाबंद। राज्य कार्यालय एवं शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत बरोंडा में VB-G RAM G योजना अंतर्गत मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत सामाजिक अंकेक्षण दल पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न हितग्राहीमूलक एवं सार्वजनिक निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहा है। इसमें कार्यों की वास्तविक स्थिति, उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और अभिलेखों में दर्ज जानकारियों का मौके पर सत्यापन किया जा रहा है।
सामाजिक अंकेक्षण दल द्वारा हितग्राहीमूलक कार्यों के अंतर्गत रिचार्ज पिट सहित अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया जा रहा है। वहीं सार्वजनिक उपयोग के लिए कराए गए विकास कार्यों की भी भौतिक जांच की जा रही है। मौके पर कार्यों की स्थिति, निर्धारित माप और अभिलेखों में दर्ज विवरण का मिलान किया जा रहा है, ताकि स्वीकृत कार्यों और धरातल पर हुए निर्माण के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान मनरेगा से संबंधित मास्टररोल, मजदूरों की उपस्थिति, कार्यों के माप संबंधी अभिलेख, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा रहा है। मजदूरी भुगतान एवं सामग्री मद में हुए व्यय से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान कर यह देखा जा रहा है कि शासकीय अभिलेखों में दर्ज जानकारी वास्तविक कार्यों और भुगतान प्रक्रिया से मेल खाती है या नहीं। सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की जांच करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को योजना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना और उन्हें अपने अधिकारों एवं कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
अंकेक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत विशेष ग्रामसभा का आयोजन कर ग्रामीणों के समक्ष जांच में सामने आए तथ्यों एवं कार्यों से संबंधित जानकारियां रखी जाएंगी। ग्रामसभा में ग्रामीणों को कार्यों की स्वीकृति, क्रियान्वयन, मजदूरी भुगतान, सामग्री पर हुए व्यय और उपलब्ध दस्तावेजों के संबंध में जानकारी देने के साथ उनके सुझाव, आपत्तियां एवं शिकायतें भी सुनी जाएंगी। इससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में ब्लॉक सामाजिक अंकेक्षण प्रदाता रामरतन बंजारा, जिला गरियाबंद ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण शासन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। कार्यों का भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और ग्रामसभा के माध्यम से सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा करना इसका प्रमुख उद्देश्य है, ताकि योजना के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे और ग्रामीणों को अपने गांव में हुए विकास कार्यों की वास्तविक जानकारी मिल सके।











