पारागांव में महानदी तट पर अवैध रेत खनन : जांच टीम पहुंची, ग्रामीणों ने सरपंच पर अवैध खनन का लगाया गंभीर आरोप

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गोबरा नवापारा के समीपस्थ ग्राम पंचायत पारागांव में महानदी तट पर अवैध रेत खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरपंच सुरेश सोनकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे महानदी के किनारे को खोदकर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध कारोबार चला रहे हैं।
ग्रामीणों ने इस अवैध खनन को रोकने की मांग करते हुए कलेक्टर, जिला पंचायत CEO और जनपद पंचायत अभनपुर को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को अभनपुर जनपद पंचायत द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। टीम ने पारागांव पहुंचकर अवैध खनन स्थल का मौके पर निरीक्षण किया और महानदी तट पर खुदाई के निशान देखे।
टीम ने ग्रामीणों, सरपंच सुरेश सोनकर और पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों के बयान भी दर्ज किए। जांच के दौरान दर्जनों ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने अवैध खनन की तस्वीरें और वीडियो भी टीम को सौंपे। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच की मिलीभगत से रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाइवा से रेत की तस्करी हो रही है, जिससे महानदी का तट क्षतिग्रस्त हो रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से यह अवैध गतिविधि चल रही है, लेकिन पहले शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब जांच टीम के आने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। हालांकि कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह जांच केवल खानापूर्ति के लिए है या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अवैध रेत खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को चोट पहुंचा रहा है, बल्कि महानदी के प्राकृतिक तट को भी नष्ट कर रहा है।
यदि सही जांच हुई तो सरपंच समेत अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। क्षेत्र में इस मामले को लेकर लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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