25 हजार की रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड, VIDEO
जमीन बंटवारे के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए, सालभर पुराना वीडियो अब आया सामने

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जमीन के बंटवारे के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में जिले के एक पटवारी पर गाज गिरी है। जमीन का बटांकन करने के एवज में 25 हजार रुपए लेते हुए पटवारी का वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है, जिसमें पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी कथित तौर पर रिश्वत लेते नजर आ रहा है।
मामले में दिलचस्प पहलू यह है कि वीडियो सामने आने से पहले पटवारी ने ब्लैकमेलिंग और भयादोहन का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। अब वीडियो वायरल होने और प्रारंभिक जांच में रिश्वत लेने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। मामला बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है।
50 हजार रुपए की मांग, 25 हजार लेते बनाया वीडियो
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम लोहर्सी सोन निवासी ओम प्रकाश साहू ने यह वीडियो बनाया था। उसके मुताबिक, करीब एक साल पहले पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी की पदस्थापना लोहर्सी सोन के हल्का नंबर में थी। इसी दौरान कपिल साहू की जमीन का बटांकन करने के लिए पटवारी द्वारा कथित तौर पर 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। आरोप है कि इस रकम में से 25 हजार रुपए देते समय ओम प्रकाश साहू ने वीडियो बना लिया था। हालांकि, यह वीडियो तत्काल सार्वजनिक नहीं हुआ और करीब एक साल बाद सामने आया।
ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर थाने पहुंचा था पटवारी
बताया जा रहा है कि इस बीच पटवारी का तबादला पचपेड़ी हल्का नंबर में हो गया था। ओम प्रकाश साहू के अनुसार, राजस्व से जुड़े एक मामले को लेकर विवाद की स्थिति बनी, जिसके बाद पटवारी पर मामले में सुधार करने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान रिश्वत लेते हुए बनाए गए वीडियो को वायरल करने की धमकी दिए जाने का आरोप भी सामने आया। इसके बाद पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी ने करीब एक सप्ताह पहले पचपेड़ी थाने में ब्लैकमेलिंग और भयादोहन की शिकायत दर्ज कराई थी।
थाने में बयान दर्ज, फिर हुआ समझौता
पटवारी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। इस दौरान ओम प्रकाश साहू से भी पूछताछ की गई। जानकारी के अनुसार, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद पटवारी का कथित रिश्वत लेते हुए पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसने मामले को फिर से चर्चा में ला दिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर की कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि पचपेड़ी तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन में प्रारंभिक जांच के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत लेने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
गंभीर कदाचरण मानते हुए जारी किया निलंबन आदेश
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में पटवारी के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। आदेश के अनुसार, इस तरह के कृत्य से राजस्व विभाग की छवि धूमिल हुई है। निलंबन अवधि के दौरान ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इसके साथ ही कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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