प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ से मासूम भार्गव को मिली नई जिंदगी: दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे तीसरी कक्षा के छात्र की हुई निःशुल्क जटिल सर्जरी

माता-पिता की चिंता बदली खुशियों में, अब स्कूल जाएगा, खेलेगा और सपनों की उड़ान भरेगा भार्गव

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जरूरतमंद परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है। रायपुर जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ इसी सेवा भावना को साकार करते हुए हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद बन रहा है।

आरंग विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला परसठी में कक्षा तीसरी में पढ़ने वाले भार्गव बोस के माता-पिता के लिए वह समय बेहद कठिन था, जब उन्हें अपने मासूम बेटे के दिल की गंभीर बीमारी का पता चला। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चिंता थी कि बेटे का उपचार कैसे होगा और क्या वह फिर दूसरे बच्चों की तरह स्कूल जा सकेगा, खेल सकेगा और सामान्य जीवन जी सकेगा।

इसी मुश्किल घड़ी में प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया। उन्हें बताया गया कि भार्गव का उपचार निःशुल्क कराया जाएगा। यह सुनते ही लंबे समय से चिंता में डूबे माता-पिता को अपने बेटे के स्वस्थ भविष्य की उम्मीद दिखाई देने लगी।

सर्दी-खांसी की शिकायत ने खोला गंभीर बीमारी का राज

आरबीएसके (चिरायु) टीम द्वारा स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान भार्गव ने बार-बार सर्दी-खांसी होने की समस्या बताई। वह अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तुलना में काफी कमजोर भी दिखाई दे रहा था। चिरायु टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया, जहां से हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह दी गई।

इसके बाद भार्गव को सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर ले जाकर ईको जांच कराई गई। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उसे एम्स रायपुर रेफर किया गया। एम्स में जांच के बाद हृदय की गंभीर समस्या सामने आई और चिकित्सकों ने टीएपीवीसी (टोटल एनोमलस पल्मोनरी वेनस कनेक्शन) रिपेयर सर्जरी की आवश्यकता बताई।

चार घंटे की जटिल सर्जरी ने दी नई जिंदगी

एम्स रायपुर के सीवीटीएस विभाग के डॉ. जी. सौरभ, डॉ. स्नेहा जैन एवं उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। उपचार के बाद भार्गव को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और अब वह स्वस्थ जीवन जी रहा है।

जिस बेटे की बीमारी को लेकर कभी माता-पिता की आंखों में चिंता थी, आज उसी भार्गव को स्वस्थ देखकर उनके चेहरे पर सुकून और खुशी है। परिवार को भरोसा है कि अब उनका बेटा भी दूसरे बच्चों की तरह नियमित स्कूल जाएगा, दोस्तों के साथ खेलेगा और अपने भविष्य के सपनों को पूरा करेगा।

हमारे बच्चे को मिला नया जीवन

भार्गव के माता-पिता ने बेटे के सफल उपचार पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एम्स रायपुर के चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ ने उनके बेटे को स्वस्थ जीवन देने के साथ ही पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।

बच्चे के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के निर्देशन में प्रोजेक्ट धड़कन की नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति नारायण, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता सोनवानी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी अनंत, डीपीएम मनीष कुमार मैजरवार, कंसल्टेंट डॉ. रंजना गायकवाड़, बीपीएम दीपक मीरे सहित चिरायु टीम के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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