बोआई के दौरान विवाद, खेत में ट्रैक्टर से कुचलकर किसान की हत्या, इस बात पर हुआ विवाद

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जमीन विवाद में एक किसान की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले उन्हें लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा किया गया और फिर जमीन पर गिरे किसान के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामला सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, बतौली क्षेत्र के ग्राम सिलमा और पथरई के बीच कृषि भूमि विवादित है। बताया जा रहा है कि जमीन के नामांतरण और कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा था। मामला राजस्व न्यायालय में लंबित था और दोनों पक्ष भूमि पर अपना-अपना दावा कर रहे थे।
बोआई के दौरान भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह आरोपी पक्ष विवादित जमीन पर ट्रैक्टर लेकर जुताई और बोआई करने पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर होसराम पैकरा अपने परिवार के साथ खेत पहुंचे और जुताई का विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस बीच आरोपी पक्ष के 7 से 8 लोग पहले से लाठी-डंडों से लैस थे। उन्होंने होसराम और उनके परिजनों पर हमला बोल दिया। मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर होसराम जमीन पर गिर पड़े।
आरोप है कि मारपीट के बाद भी हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और ट्रैक्टर चालक उमेश पैकरा ने बुजुर्ग किसान के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। ट्रैक्टर के पहियों तले कुचलने से मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
सुरक्षा मांगी थी, नहीं मिली राहत
पीड़ित परिजनों का दावा है कि जमीन विवाद को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका पहले से थी। उन्होंने कुछ दिन पूर्व पुलिस और प्रशासन को लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग भी की थी। बावजूद इसके विवाद को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। अब परिजन प्रशासनिक लापरवाही को भी इस घटना का बड़ा कारण मान रहे हैं।
8 आरोपी गिरफ्तार, ट्रैक्टर जब्त
घटना की सूचना मिलते ही सीतापुर एसडीओपी राजेंद्र मंडावी, थाना प्रभारी विवेक सेंगर और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भुवनेश्वर, बजरंग, उमेश, मनोज, रघुनंदन, बोधन, कमली और प्यारी सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि विवादित जमीन मूल रूप से कामेश्वरी नामक महिला के नाम दर्ज थी, जो निःसंतान थीं। मृतक पक्ष का दावा है कि भरण-पोषण और सेवा के आधार पर जमीन का वसीयतनामा उनके पक्ष में किया गया था। वहीं दूसरे पक्ष ने भी जमीन पर अधिकार जताया। राजस्व न्यायालयों के अलग-अलग आदेशों के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया।
गांव में मातम, लोगों में आक्रोश
होसराम पैकरा की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस सतर्क है।
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