नगर पालिका सभापति ने अपने ही महिला समूह को दिलाई राशन दुकान, पति को बनाया सेल्समैन
विपक्षी पार्षद ने खोला मोर्चा, पद और प्रभाव के दुरुपयोग का लगाया गंभीर आरोप

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा में शासकीय उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) के आवंटन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका के विपक्षी पार्षद अर्जुन साहू ने सत्ताधारी दल के पार्षद पर पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर अपने ही अध्यक्ष वाले महिला स्व-सहायता समूह के नाम पर राशन दुकान आवंटित कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
पार्षद अर्जुन साहू ने जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया है कि संबंधित पार्षद (सभापति) निर्मला-धीरज साहू ने शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर ‘‘गुनगुन महिला स्व-सहायता समूह’’ के नाम पर शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 4411003009 का आवंटन करा लिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि वर्तमान में संबंधित पार्षद स्वयं उक्त महिला समूह की अध्यक्ष है और राशन दुकान का संचालन अपने घर से करते हुए अपने पति धीरज साहू को सेल्समैन नियुक्त कर रखा है।
जनप्रतिनिधि या लाभार्थी?
अर्जुन साहू का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि का दायित्व निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना होता है, लेकिन यहां स्वयं जनप्रतिनिधि ही सरकारी योजना के लाभार्थी बन बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र पर दबाव बनाकर अपने ही समूह को लाभ पहुंचाना सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है।
नियमों को ताक पर रखने का आरोप
पार्षद साहू ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि या उसके प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले समूह को दुकान आवंटित की गई है, तो यह निष्पक्षता और नैतिकता दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जरूरतमंद समूहों का हक छीना
पार्षद यह भी आरोप लगाया गया है कि इस कथित आवंटन के कारण कई ऐसे स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह अवसर से वंचित रह गए, जो लंबे समय से नियमानुसार राशन दुकान संचालन के लिए प्रयास कर रहे थे। इससे गरीब और जरूरतमंद समूहों के अधिकारों का हनन हुआ है।
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
पार्षद अर्जुन साहू ने खाद्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि आवंटन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी

पार्षद साहू ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वार्डवासियों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर और संबंधित उच्चाधिकारियों से कथित अनियमित आवंटन को निरस्त कर राशन दुकान किसी पात्र और निष्पक्ष महिला समूह को सौंपने की मांग की है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर खाद्य निरीक्षक श्रद्धा चौहान ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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